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RPSC भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा! पोर्टल हैक कर तीन अभ्यर्थियों के आवेदन किए गए गायब

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की भर्ती प्रक्रिया में साइबर छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। सहायक खनिज अभियंता भर्ती-2024 के तीन अभ्यर्थियों के आवेदन बिना उनकी जानकारी के पोर्टल से वापस ले लिए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी आईडी बनाकर भर्ती पोर्टल तक अवैध पहुंच हासिल की और आवेदनों को विड्रॉ कर दिया। आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और जांच शुरू कर दी गई है।

भर्ती प्रक्रिया में संदिग्ध हस्तक्षेप का खुलासा

मामला उस समय सामने आया जब भर्ती परीक्षा के बाद चयनित सूची में शामिल एक अभ्यर्थी ने आयोग को ई-मेल भेजकर बताया कि उसके मोबाइल पर आवेदन वापस होने का संदेश प्राप्त हुआ है। अभ्यर्थी ने स्पष्ट किया कि उसने स्वयं ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया था। जांच में यह भी सामने आया कि जिस समय आवेदन वापस लिए गए, उस दौरान आयोग ने आवेदन निरस्त करने के लिए कोई विंडो या लिंक उपलब्ध नहीं कराया था। इससे भर्ती प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप की आशंका और गहरा गई।

फर्जी यूजर बनाकर पोर्टल तक पहुंचने का आरोप

तकनीकी जांच में पता चला कि आवेदनों को हटाए जाने से कुछ समय पहले भर्ती पोर्टल पर एक नया यूजर अकाउंट बनाया गया था। इसी अकाउंट के माध्यम से तीन अभ्यर्थियों के आवेदन वापस किए गए। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह कार्रवाई किसी अन्य उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने या प्रतियोगिता को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई। डिजिटल ट्रैकिंग के दौरान संबंधित ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस की जानकारी भी जुटाई गई है, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से मांगी गई तकनीकी रिपोर्ट

घटना सामने आने के बाद आरपीएससी ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को विस्तृत तकनीकी परीक्षण के लिए पत्र भेजा। विभाग की रिपोर्ट में पोर्टल पर अनधिकृत गतिविधियों की पुष्टि हुई। अधिकारियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया से जुड़े डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। आयोग ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

साइबर पुलिस ने दर्ज किया मामला

आरपीएससी की शिकायत के आधार पर अजमेर साइबर पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह संगठित गिरोह या भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।

आयोग ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

आरपीएससी सचिव ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया के साथ किसी भी प्रकार की डिजिटल छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को भी सलाह दी है कि वे अपने आवेदन और लॉगिन से जुड़ी जानकारी गोपनीय रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना आयोग को दें।

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