चित्तौड़गढ़ में आकाशीय बिजली का कहर, खेत की झोपड़ी पर गिरी बिजली; दादा-दादी और मासूम पोते की मौत
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। खेत की रखवाली के दौरान झोपड़ी पर बिजली गिरने से दादा, दादी और उनके पांच वर्षीय पोते ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
खेत की रखवाली के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा उपखंड स्थित कनेरा थाना क्षेत्र के लुनखन्दा गांव में यह हादसा सोमवार रात उस समय हुआ, जब परिवार के सदस्य खेत की रखवाली के लिए पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, बद्रीलाल मीणा, उनकी पत्नी चंद्रीबाई और उनका पांच वर्षीय पोता खेत में बनी झोपड़ी में ठहरे हुए थे। देर रात तेज बारिश और गर्जना के बीच अचानक आकाशीय बिजली झोपड़ी पर गिर गई। बिजली गिरने का असर इतना भीषण था कि तीनों गंभीर रूप से झुलस गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
तेज धमाके के बाद सामने आया दिल दहला देने वाला मंजर
हादसे के समय मृतकों का बेटा और बहू पास में बनी दूसरी झोपड़ी में मौजूद थे। तेज आवाज सुनकर जब वे मौके पर पहुंचे तो झोपड़ी के भीतर का दृश्य बेहद दर्दनाक था। तीनों लोग अचेत पड़े थे और उनके शरीर झुलस चुके थे। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने तत्काल तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम के बाद सौंपे जाएंगे शव
घटना की सूचना मिलते ही कनेरा थाना पुलिस अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मौत का कारण आकाशीय बिजली गिरना सामने आया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस पूरे मामले की विधिक जांच कर रही है।
एक साथ तीन मौतों से गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अचानक मौत से लुनखन्दा गांव में गहरा शोक छा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार खेती-किसानी पर निर्भर था और फसल की सुरक्षा के लिए रात खेत में ही बिताता था। लेकिन खराब मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि परिवार की दो पीढ़ियां एक ही हादसे में हमेशा के लिए बिछड़ गईं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और ग्रामीणों ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।