अलवर जिला अस्पताल में देर रात हंगामा, मरीज के परिजन और गार्ड के बीच विवाद, पुलिस से धक्का-मुक्की…
अलवर जिला अस्पताल में सोमवार देर रात उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब एक मरीज के परिजनों और अस्पताल के गार्ड के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर अस्पताल पुलिस चौकी का कॉन्स्टेबल मौके पर पहुंचा, लेकिन स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस जाब्ते के साथ अस्पताल पहुंची।
पुलिस के पहुंचते ही मरीज के परिजनों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। आरोप है कि इस दौरान एक महिला पुलिस के सामने कपड़े उतारने पर उतारू हो गई। हंगामे के बीच महिला ने कोतवाली थाने के एएसआई मोरमुकुट को कई बार धक्का भी मारा। महिला का आरोप है कि पुलिस ने उसके बीमार बेटे के साथ लात-घूंसों से मारपीट की।
महिला पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद नहीं होने से हालात और बिगड़ गए। बाद में थाने से महिला पुलिस को बुलाया गया। परिजनों को जब पुलिस गाड़ी में बैठाने की कोशिश की गई, तब एक बार फिर धक्का-मुक्की हुई। करीब आधे घंटे तक अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इसके बाद महिला समेत चार लोगों को कोतवाली थाने ले जाया गया।
थाने पहुंचने के बाद महिला और मरीज को छोड़ दिया गया, जबकि दो अन्य व्यक्तियों को शांतिभंग के आरोप में बैठा लिया गया। मरीज की मां अनुराधा ने बताया कि उनके बेटे को चक्कर आने की दिमागी बीमारी है। वह पिछले छह दिनों से अस्पताल में भर्ती है और सोमवार को उसकी एमआरआई करवाई गई थी, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को आनी थी। अनुराधा का आरोप है कि देर रात खाना लाने में देरी होने पर गार्ड ने अंदर जाने से मना किया और उनके देवर के साथ धक्का-मुक्की की। पुलिस के आने के बाद उनके बेटे के साथ मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं और खून निकलने लगा।
वहीं, कोतवाली थाने के एएसआई मोरमुकुट ने बताया कि एक महिला दो-तीन लोगों और एक मरीज के साथ अस्पताल आई थी। मरीज माइग्रेन की बीमारी से पीड़ित था और वार्ड में भर्ती होना चाहिए था, लेकिन वह वार्ड में मौजूद नहीं था। खाना लाने के दौरान पास को लेकर गार्ड से विवाद हुआ। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी परिजन उलझते रहे, जिनमें से दो लोग शराब के नशे में थे। हालात को देखते हुए महिला और मरीज को इलाज के लिए छोड़ दिया गया, जबकि दो अन्य लोगों को शांतिभंग के तहत थाने लाया गया।