Land For Jobs Scam: कोर्ट में सुनवाई के बीच BJP का RJD पर हमला, लालू परिवार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चर्चित लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले की सुनवाई के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। BJP ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ सियासी आरोप-प्रत्यारोप भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
कोर्ट की सुनवाई के बीच BJP का बड़ा हमला
राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू परिवार के कई सदस्य भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जांच का सामना कर चुके हैं। गुरु प्रकाश ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य जनसेवा और सुशासन होना चाहिए, न कि निजी संपत्ति अर्जित करने का माध्यम। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
तेजस्वी यादव की संपत्तियों पर भी उठाए सवाल
BJP प्रवक्ता ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की संपत्तियों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि इतनी बड़ी मात्रा में संपत्ति और जमीन किस आधार पर अर्जित की गई, इसका जवाब जनता के सामने आना चाहिए। BJP ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर लालू परिवार के कई सदस्य इस मामले से जुड़े लाभार्थियों में शामिल रहे हैं। वहीं RJD पहले भी इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए खारिज करती रही है। मामले में दोनों पक्ष अपने-अपने दावे रखते रहे हैं और अंतिम फैसला अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।
क्या है Land For Jobs Scam?
यह मामला वर्ष 2008-09 का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले कुछ उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई। जांच एजेंसी ने वर्ष 2022 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। CBI ने भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच शुरू की। आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद संबंधित लोगों ने अपनी जमीन लालू परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम स्थानांतरित की।
CBI के आरोपों में क्या कहा गया है?
CBI के अनुसार, पटना और आसपास के क्षेत्रों के कुछ लोगों ने अपनी जमीन राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव और लालू परिवार से जुड़ी एक निजी कंपनी के नाम पर बेची या उपहार के रूप में हस्तांतरित की। जांच एजेंसी का दावा है कि इन नियुक्तियों के लिए व्यापक सार्वजनिक विज्ञापन जारी नहीं किया गया था। इसके बावजूद कुछ उम्मीदवारों को मुंबई, कोलकाता, जबलपुर, जयपुर और हाजीपुर सहित विभिन्न रेलवे जोनों में पहले सब्स्टीट्यूट कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया और बाद में उनकी सेवाएं नियमित कर दी गईं। इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण अदालत में चल रही सुनवाई के बाद ही होगा।
अदालती प्रक्रिया पर टिकी हैं सभी की निगाहें
लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में अदालत के समक्ष जांच एजेंसियों के आरोप और बचाव पक्ष की दलीलें प्रस्तुत की जा रही हैं। फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और अदालत ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह हैं, लेकिन कानूनी रूप से दोष सिद्ध होने तक किसी भी आरोपी को दोषी नहीं माना जाता। ऐसे में अब सभी की नजरें अदालत की अगली सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हुई हैं।