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‘आरक्षण से कोई समझौता नहीं’, किरोड़ी लाल मीणा का बेबाक बयान


राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर अपने बेबाक और स्पष्ट बयानों को लेकर चर्चा में हैं। अजमेर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरक्षण, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, अपने राजनीतिक संघर्ष और समाज के प्रति जिम्मेदारी पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनके शरीर में प्राण हैं, तब तक आरक्षण को कोई खत्म नहीं कर सकता।


अजमेर में कार्यक्रम के दौरान खुलकर बोले किरोड़ी

अजमेर में मीना विकास और शोध संस्थान के कार्यक्रम में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वे पद से ज्यादा सेवा को महत्व देते हैं और समाज के हित में जरूरत पड़ी तो मंत्री पद भी छोड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।


‘भ्रष्टाचार आंखों के सामने हुआ तो बर्दाश्त नहीं’

किरोड़ी लाल मीणा ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में यदि उनकी आंखों के सामने भ्रष्टाचार हुआ तो वह किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता का उद्देश्य सेवा है, न कि समझौते करना।


समरावता कांड का जिक्र, कहा—डांट पड़ी फिर भी गया

समरावता कांड का उल्लेख करते हुए किरोड़ी ने बताया कि जब गिरफ्तार बच्चों से मिलने वे जेल गए तो उन्हें फटकार भी लगी। बावजूद इसके उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में समाज के भाई-बहनों के साथ खड़ा होना उनका कर्तव्य है।


‘कांग्रेस राज में जेल जाना पड़ा’

अपने संघर्षों को याद करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में उन्हें गिरफ्तार किया गया, जेल जाना पड़ा और कई तरह के अत्याचार भी सहने पड़े। इसके बावजूद वे अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटे।


आरक्षण और UGC मुद्दे पर साफ रुख

किरोड़ी ने कहा कि आरक्षण को लेकर किसी भी तरह की आशंका निराधार है। उन्होंने बताया कि UGC से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाई है और एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार निर्णय ले सकती है।


RPSC पेपर लीक पर पिछली सरकार पर हमला

पेपर लीक मामलों को लेकर किरोड़ी ने पिछली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले 19 में से 17 परीक्षाओं में पेपर लीक हुए थे, जबकि मौजूदा सरकार में 63 सब-इंस्पेक्टर और RPSC सदस्य जेल भेजे गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अब पेपर लीक पर काफी हद तक रोक लगी है।


‘बड़े नाम शामिल, सिर्फ आदिवासियों पर कार्रवाई काफी नहीं’

कृषि मंत्री ने कहा कि पेपर लीक मामलों में बड़े नाम शामिल हैं और सिर्फ आदिवासियों पर कार्रवाई करके समस्या का समाधान नहीं होगा। दोषियों पर बिना भेदभाव के कार्रवाई होनी चाहिए।


राजनीतिक सफर को किया याद

अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए किरोड़ी ने बताया कि पार्टी ने उनका टिकट काटा, लेकिन उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीतकर जनता का भरोसा कायम रखा। उन्होंने कहा कि आज राजनीति व्यवसाय बनती जा रही है, जबकि उनके लिए राजनीति सेवा का माध्यम है।


संस्कृति, नृत्य और पारिवारिक संस्कारों पर जोर

कार्यक्रम में महिलाओं के साथ पारंपरिक नृत्य करते हुए किरोड़ी ने कहा कि नाच-गान हमारी संस्कृति की पहचान है, जिसे जीवित रखना जरूरी है। उन्होंने माताओं-बहनों से अपील की कि बच्चों में अच्छे संस्कार डालने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी परिवार की होती है।


हनुमान बेनीवाल से विवाद पर सफाई

हनुमान बेनीवाल से जुड़े पुराने विवाद पर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि यह पूरी तरह पारिवारिक मामला था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इसे कभी गंभीर राजनीतिक मुद्दा नहीं माना और न ही इस विषय पर कोई व्यक्तिगत बातचीत हुई है। भविष्य में बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात भी कही।


बयानबाजी से ज्यादा एक संदेश

किरोड़ी लाल मीणा के ये बयान सिर्फ राजनीतिक भाषण नहीं, बल्कि समाज और सरकार—दोनों के लिए स्पष्ट संदेश हैं। आरक्षण, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उनका आक्रामक रुख आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति में असर डाल सकता है।

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