खुशखेड़ा फैक्ट्री विस्फोट: आठवीं मौत के साथ हादसे की भयावह तस्वीर और गहरी हुई
दिल्ली में इलाज के दौरान झुलसे मजदूर की मौत
भिवाड़ी के खुशखेड़ा-कारौली औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और आग की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे अनूप सिंह ने दिल्ली के Safdarjung Hospital में इलाज के दौरान रविवार तड़के दम तोड़ दिया। इससे पहले मौके पर सात मजदूरों की मौत हो चुकी थी।
एक की हालत नाजुक, 90 प्रतिशत तक झुलसे थे दो मजदूर
हादसे में अनूप सिंह और झुन्नू दोनों करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गए थे। अनूप सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि झुन्नू की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
डीएनए जांच के बाद सौंपे गए शव, बिहार भेजे गए
घटना में जान गंवाने वाले अधिकांश मजदूर बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के निवासी थे। शवों की पहचान डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद की गई। प्रशासन ने सभी सात शव परिजनों को सौंप दिए और उन्हें बिहार भेजने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की। परिजनों के लिए एक निजी बस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, गारमेंट यूनिट की आड़ में चल रहा था पटाखा निर्माण
जांच में सामने आया कि यह इकाई कागजों में गारमेंट निर्माण के लिए पंजीकृत थी, लेकिन अंदर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। फैक्ट्री में बिना लाइसेंस और बिना सुरक्षा मानकों के बारूद का भंडारण किया गया था। इसी कारण आग तेजी से फैली और एक के बाद एक कई धमाके हुए।
मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार, रैकेट की परतें खुलने की उम्मीद
पुलिस ने मामले में फैक्ट्री संचालक हेमंत सचदेवा को मुख्य आरोपी मानते हुए हेमंत कुमार शर्मा और अभिनंदन तिवारी को गिरफ्तार किया है। तीनों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उन्हें 25 फरवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूछताछ में अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनसे आगे पूछताछ की जाएगी।
औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बिना लाइसेंस खतरनाक सामग्री का भंडारण और उत्पादन मजदूरों की जान के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। प्रशासन की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।