केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया के दावों के बीच परिवार ने मांगा इंसाफ, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के दौरान कई नए दावे सामने आने से मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पुलिस हिरासत में आरोपी सिया गोयल ने पूछताछ के दौरान कई बातें कही हैं, वहीं मृतक के परिवार ने इन दावों को खारिज करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और विशेष जांच को तेज करने का भरोसा दिया है। फिलहाल पुलिस सभी बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने किए कई दावे
जांच के दौरान आरोपी सिया गोयल ने कथित रूप से पुलिस को बताया कि वह केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। उसने दावा किया कि उसने पहले ही अपनी असहमति जता दी थी, लेकिन शादी आगे बढ़ती रही। पूछताछ में उसने यह भी कहा कि उसे केतन की कुछ व्यक्तिगत बातें पसंद नहीं थीं, जिनमें उनके हेयर पैच का उपयोग और बातचीत के दौरान कथित हकलाहट शामिल थी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये आरोपी के बयान हैं और इनकी सत्यता की जांच अभी जारी है।
परिवार ने आरोपों को बताया निराधार
केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि शादी तय होने से पहले ही दोनों परिवारों के बीच सभी आवश्यक बातें स्पष्ट कर दी गई थीं। उनका कहना है कि यदि सिया इस रिश्ते से सहमत नहीं थी तो वह पहले ही मना कर सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब आरोपी अपने बचाव के लिए अलग-अलग दावे कर रही है। परिवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने दिए फास्ट ट्रैक सुनवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद केतन के परिवार ने मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी। साथ ही सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया गया है, जो सभी परिस्थितियों और साक्ष्यों की विस्तार से जांच कर रहा है।
हत्या की कथित साजिश की हर कड़ी खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार जांच में यह सामने आया है कि लोहागढ़ किले पर ट्रैकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की मौत पहले हादसा प्रतीत हुई थी, लेकिन बाद में मिले साक्ष्यों के आधार पर इसे सुनियोजित हत्या का मामला माना गया। पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच हुई बातचीत, डिजिटल रिकॉर्ड और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। वहीं दोनों आरोपी पूछताछ में एक-दूसरे पर साजिश का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष वैज्ञानिक साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।