कठूमर में सामान्य वर्ग के युवाओं ने यूजीसी कानून में बदलाव को लेकर सौंपा ज्ञापन, दुरुपयोग रोकने की उठाई मांग…
कठूमर उपखंड मुख्यालय पर सामान्य वर्ग के युवाओं द्वारा यूजीसी कानून में प्रस्तावित बदलावों को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन एसडीएम श्याम सुंदर चेतीवाल एवं तहसीलदार भानू प्रताप सिंह के माध्यम से दिया गया।
ज्ञापन में युवाओं ने बताया कि देश में जातिगत भेदभाव को एकजुटता के साथ समाप्त किया जाना चाहिए और किसी भी कानून का उद्देश्य साफ नीयत से होना चाहिए, न कि सियासी नजरिए से। उन्होंने कहा कि देश में पहले से ही भारतीय न्याय संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, एंटी रैगिंग नियम एवं एससी/एसटी एक्ट जैसे सख्त कानून मौजूद हैं।
युवाओं का कहना था कि यदि प्रस्तावित यूजीसी नियम लागू होते हैं, तो इससे नई जातिगत व्यवस्थाओं के कारण समाज में भेदभाव और वैमनस्यता बढ़ने की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सवर्ण छात्र जातिगत भेदभाव करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि किसी को आपसी रंजिश के चलते झूठे मामलों में फंसाया जाता है, तो ऐसे मामलों में फंसाने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।
ज्ञापन में सवाल उठाया गया कि यदि कोई ओबीसी वर्ग का छात्र एससी/एसटी वर्ग के साथ भेदभाव करता है, तो उसके खिलाफ समान कार्रवाई का प्रावधान क्यों नहीं है। नए नियमों में ओबीसी वर्ग को पीड़ित पक्ष में शामिल किया गया है, जिससे यह प्रतीत होता है कि सामान्य वर्ग को पहले से ही दोषी मान लिया गया है।
युवाओं ने कहा कि जातिगत भेदभाव देश के लिए नासूर है। ऐसे मामलों में दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन निर्दोष को बचने का पूरा अवसर भी मिलना चाहिए। उन्होंने 2012 के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय गलत आरोप या दुर्भावना से मामला दर्ज कराने पर जुर्माने का प्रावधान था, जिसे नए नियमों में हटाया गया है।
सरकार से मांग की गई कि सामान्य वर्ग की भावनाओं को समझते हुए और संविधान की आत्मा से छेड़छाड़ किए बिना ऐसा कानून बनाया जाए जो समानता की भावना से प्रेरित हो। साथ ही यूजीसी कानून के तहत गठित होने वाली जांच समिति में सवर्ण समाज के प्रतिनिधि को शामिल करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग भी की गई।
इस दौरान एडवोकेट रामजीलाल शर्मा, विकास भारद्वाज, रिमाशु शर्मा, राधेलाल भारद्वाज, हमीर सिंह (पूर्व सरपंच पांवटा), तेज सिंह, राजेंद्र सिंह सलेमपुर, विष्णु सिंह, सतपाल टिटपुरी, खैमपाल सिंह, आकाश सिंह, रिंकू सिंह, मंगल सिंह सिटाहेड़ा, पंकज सिंह नूनिया, पंकज सिंह सुडियाना सहित कई लोग मौजूद रहे।