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करौली जेल में विचाराधीन कैदी की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम; पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

राजस्थान के करौली जिला कारागृह में बंद एक विचाराधीन कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शुरुआती जानकारी में मौत की वजह हार्ट अटैक की आशंका बताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। मामले की न्यायिक प्रक्रिया के तहत मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया है।

जेल में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुई मौत

करौली जिला कारागृह में बंद विचाराधीन कैदी कलुआ गुर्जर की बुधवार शाम अचानक तबीयत खराब हो गई। जेल प्रशासन के अनुसार, बैरक में स्वास्थ्य बिगड़ने पर पहले जेल चिकित्सक ने उसकी जांच की। हालत गंभीर होने पर उसे पुलिस सुरक्षा के बीच तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल के आईसीयू में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर दिल का दौरा पड़ने की आशंका जताई है, लेकिन अंतिम पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही होगी।

27 साल पुराने मामले में था विचाराधीन बंदी

मृतक कलुआ गुर्जर धौलपुर जिले के कालीतीर (सोने का गुर्जा) गांव का निवासी था। वह वर्ष 1997 में मासलपुर थाने में दर्ज एक पुराने मामले में न्यायिक हिरासत में था। पुलिस के अनुसार, उस पर लूट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे आरोप दर्ज थे। इसी मामले में उसे 20 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर करौली जिला कारागृह भेजा गया था। मामला अभी अदालत में विचाराधीन था और सुनवाई पूरी नहीं हुई थी।

मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही चलेगा। फिलहाल पूरे मामले की कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया के तहत जांच जारी है।

परिजनों ने जताया आश्चर्य, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

कैदी की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। मृतक के भतीजे ने बताया कि कुछ दिन पहले परिवार के सदस्य जेल में उससे मिलने गए थे और उस समय उसकी तबीयत सामान्य थी। घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जिला अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।

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