जोधपुर में माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन 2026: अमित शाह ने समाज के योगदान और राष्ट्र निर्माण पर जोर दिया….
पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में आयोजित ‘माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन 2026’ में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने समाज की ऐतिहासिक भूमिका और राष्ट्र निर्माण में योगदान को सराहा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
माहेश्वरी समाज ने सदैव दिया योगदान
अमित शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज हमेशा देश और समाज के लिए योगदान देता आया है। मुगलों के समय से लेकर स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक उद्योग तक, समाज ने हर मौके पर आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई।
यह समाज न सिर्फ आर्थिक बल्कि सामाजिक और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्रों में भी योगदान देता रहा है। इसकी सतत प्रतिबद्धता भारत की विकास कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इतिहास और उद्योग में माहेश्वरी समाज की भूमिका
शाह ने कहा कि समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन में वित्तीय सहयोग दिया और आजादी के बाद उत्पादन, ट्रेडिंग और तकनीकी क्षेत्रों में प्रगतिशील मॉडल पेश किया। उन्होंने कहा कि समाज ने हमेशा देश और राष्ट्र के विकास में नेतृत्व दिखाया।
यह दिखाता है कि माहेश्वरी समाज केवल आर्थिक सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और राष्ट्र निर्माण में भी इसके योगदान का मूल्य अत्यधिक है।
जहां रेल न पहुंचे, वहां पहुंचे मारवाड़ी
अमित शाह ने गुजरात की कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि यह समाज हर चुनौती में सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश में जिन वस्तुओं का उत्पादन नहीं हो रहा, उन्हें स्वदेशी रूप से तैयार करना होगा।
यह संदेश केवल माहेश्वरी समाज को नहीं, बल्कि पूरे भारत को आत्मनिर्भर और स्वदेशी सोच के लिए प्रेरित करता है।
भारत की प्रगति और वैश्विक स्थिति
शाह ने भारत के आर्थिक और तकनीकी विकास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, दोगुना निर्यात, डिजिटल ट्रांजैक्शन में अग्रणी, मोबाइल उत्पादन में दूसरा, स्टार्टअप और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तीसरा स्थान रखता है।
यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत वैश्विक मंच पर अपने आर्थिक और तकनीकी शक्ति से प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है।
अन्य समाजों की भी चिंता
अमित शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज केवल अपने समाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य समाजों और जरूरतमंदों की भी सहायता की है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि बलिदान देने वाले दो भाई माहेश्वरी समाज से थे।
यह समाज न केवल आर्थिक और सामाजिक योगदान देता है, बल्कि देशभक्ति और सामुदायिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
माहेश्वरी समाज को समर्पित डाक टिकट और ग्रंथ विमोचन
कार्यक्रम में अमित शाह ने माहेश्वरी समाज को समर्पित डाक टिकट जारी किया। इसके साथ ही माहेश्वरी गौरव ग्रंथ और जैविक खेती पर पुस्तिका का विमोचन किया गया। उन्होंने अपना घर आश्रम के प्रथम चरण का आभासी लोकार्पण भी किया।
यह पहल समाज की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देती है और युवाओं में गर्व और प्रेरणा जगाती है।