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झारखंड में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार बस पलटने से 7 की मौत, 86 घायल

झारखंड के लातेहार जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। महुआडांड़–हामी–ओरसा मार्ग पर तेज रफ्तार बस के अनियंत्रित होकर पलट जाने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 86 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।


🟠 मांगलदह घाटी में हुआ हादसा, बस हुई पूरी तरह क्षतिग्रस्त

यह हादसा लातेहार जिले की मांगलदह घाटी के पास उस समय हुआ, जब निजी स्कूल की एक बस तेज रफ्तार में मोड़ पर नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए।


घाटी वाले क्षेत्रों में तेज रफ्तार और संकरे मोड़ पहले से ही दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माने जाते हैं, जहां सुरक्षा उपायों की कमी साफ दिखाई देती है।


🟠 लोटा-पानी संस्कार के लिए निकले थे 93 ग्रामीण

जानकारी के अनुसार, पिपरसोत गांव के 93 ग्रामीण — जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे — बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के समाई गांव में लोटा-पानी (श्राद्ध संस्कार) कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसके लिए ग्रामीणों ने एक निजी स्कूल बस किराए पर ली थी।


ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े कार्यक्रमों के लिए निजी वाहनों पर निर्भरता आम है, लेकिन उनकी फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच अक्सर नहीं हो पाती।


🟠 हादसे में 4 महिलाओं समेत 7 की मौत, 86 घायल

दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में 4 महिलाओं समेत कुल 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 86 यात्री घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।


यात्रियों की संख्या अधिक होने और सुरक्षा इंतज़ाम न होने से जनहानि बढ़ने की आशंका बनी रहती है।


🟠 पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा, राहत कार्य तेज

सूचना मिलते ही महुआडांड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।


स्थानीय प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया से कई घायलों की जान बचाई जा सकी, लेकिन दुर्गम इलाकों में मेडिकल सुविधाओं की सीमाएं अब भी चिंता का विषय हैं।


🟠 झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा के पास होने से बचाव में आई चुनौती

हादसा झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा के समीप हुआ, जिससे शुरुआती समय में समन्वय और संसाधनों की उपलब्धता में कुछ कठिनाइयां आईं। बाद में दोनों राज्यों के अधिकारियों ने मिलकर स्थिति संभाली।


सीमावर्ती इलाकों में आपात स्थितियों से निपटने के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है।


🟠 तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह बस की तेज रफ्तार और घाटी क्षेत्र में नियंत्रण खोना मानी जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी और ग्रामीण सड़कों पर यात्री सुरक्षा, वाहन फिटनेस और ड्राइवर प्रशिक्षण की अनदेखी को उजागर करता है।

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