जैसलमेर में 7 दिन में सभी खाद-बीज दुकानों की जांच, स्टॉक का होगा ऑनलाइन सत्यापन
राजस्थान के जैसलमेर जिले में रबी बुवाई से पहले कृषि विभाग ने खाद, बीज और कीटनाशक दुकानों की जांच के निर्देश दिए हैं। अगले सात दिनों में सभी दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। विभाग के अनुसार जिले में यूरिया के 1,27,437 और डीएपी के 38,530 बैग उपलब्ध हैं। जांच के दौरान लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड भी देखे जाएंगे। अभियान का उद्देश्य खाद की कालाबाजारी, अधिक कीमत वसूली और जबरन टैगिंग जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाना है।
रबी बुवाई से पहले कृषि विभाग की निगरानी बढ़ी
जैसलमेर। रबी सीजन की बुवाई से पहले किसानों को खाद की कमी से बचाने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। अगले सात दिनों में जिले की सभी खाद, बीज और कीटनाशक विक्रय दुकानों का निरीक्षण किया जाएगा।जांच के दौरान दुकानों पर मौजूद स्टॉक का भौतिक सत्यापन होगा। इसके बाद संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इससे मौके पर उपलब्ध खाद और विभागीय रिकॉर्ड का मिलान किया जा सकेगा।कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों को जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराना है। साथ ही वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
जैसलमेर में यूरिया और डीएपी का कितना स्टॉक?
कृषि विभाग के अनुसार जिले की निजी दुकानों और सहकारी समितियों में विभिन्न उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है। इसका विवरण इस प्रकार है।
- यूरिया: 1,27,437 बैग
- डीएपी: 38,530 बैग
- एनपीके: 12,653 बैग
- सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी): 14,522 बैग
विभाग निरीक्षण के दौरान उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति जांचेगा। ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद खाद की मात्रा का मिलान भी किया जाएगा। इससे स्टॉक संबंधी गड़बड़ियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
लाइसेंस नंबर डालते ही खुलेगी विक्रेता की प्रोफाइल
डिजिटल निरीक्षण प्रक्रिया के तहत अधिकारी मौके पर पहुंचकर विक्रेता का लाइसेंस नंबर ऐप में दर्ज करेंगे। इसके बाद संबंधित दुकानदार की प्रोफाइल सामने आ जाएगी।अधिकारी दुकान में मौजूद यूरिया, डीएपी, एसएसपी और अन्य कृषि आदानों की गिनती करेंगे। स्टॉक का विवरण ऐप पर अपलोड किया जाएगा। इस प्रक्रिया से निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज होगी।इसके अलावा उच्चाधिकारी भी उपलब्ध रिकॉर्ड की निगरानी कर सकेंगे। डिजिटल व्यवस्था से जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
बिल, स्टॉक रजिस्टर और मूल्य सूची दिखाना अनिवार्य
कृषि विभाग ने सभी खाद-बीज विक्रेताओं को जरूरी दस्तावेज अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं। दुकानदारों को खरीद-बिक्री के बिल, स्टॉक रजिस्टर और मूल्य सूची तैयार रखनी होगी।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के मांगने पर संबंधित दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।विभाग का कहना है कि जांच अभियान में सहयोग नहीं करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ भी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कालाबाजारी और जबरन टैगिंग पर रहेगी नजर
इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य खाद की कालाबाजारी रोकना है। इसके साथ ही किसानों से निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों पर भी निगरानी रखी जाएगी।खाद के साथ अनावश्यक उत्पाद खरीदने के लिए किसानों पर दबाव डालने की प्रथा को टैगिंग कहा जाता है। विभाग ऐसी अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाना चाहता है।संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद जैसलमेर महावीर प्रसाद छींपा के अनुसार, अभियान के जरिए किसानों को निर्धारित उचित कीमतों पर खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।