जयपुर की खदीजा का पाकिस्तान कनेक्शन! ATS जांच में जैश से जुड़े संपर्कों का दावा
पाकिस्तान जाने की कथित तैयारी ने बढ़ाई चिंता
राजस्थान की राजधानी जयपुर से गिरफ्तार बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को लेकर जांच एजेंसियों की पड़ताल में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) के अनुसार महिला कथित रूप से नेपाल या अन्य देशों के रास्ते पाकिस्तान जाने की योजना बना रही थी। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके कुछ विदेशी संपर्क ऐसे लोगों से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिनके संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से होने का संदेह है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
सोशल मीडिया के जरिए बने विदेशी संपर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक महिला की कई पाकिस्तानी नागरिकों से सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत हुई थी। पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2025 के दौरान उसने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से जुड़े कुछ सोशल मीडिया पेजों को फॉलो करना शुरू किया था। इसके बाद विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उसकी बातचीत का दायरा बढ़ता गया। अधिकारियों का कहना है कि महिला के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा की फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि उसके संपर्कों की वास्तविक प्रकृति और उद्देश्य स्पष्ट हो सकें।
डिजिटल जांच में मिले कई अहम सुराग
एटीएस की जांच में महिला के मोबाइल और डिजिटल उपकरणों से कई विदेशी नंबर और ऑनलाइन संपर्क सामने आए हैं। अधिकारियों के अनुसार कुछ संदिग्ध खातों और नंबरों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि महिला ने कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित एप्लिकेशन डाउनलोड किए थे और विदेश यात्रा के संभावित विकल्पों के बारे में जानकारी जुटा रही थी। हालांकि इन सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल एजेंसियां डिजिटल नेटवर्क और संभावित संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
पुलिस रिमांड में जारी है पूछताछ
बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को अदालत ने 27 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं और उसके ऑनलाइन गतिविधियों, विदेशी संपर्कों तथा यात्रा संबंधी तैयारियों की जानकारी जुटा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। महिला के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।