जयपुर SMS अस्पताल में 6 साल से बंद नशा मुक्ति वार्ड, रोज 180 मरीज परेशान
जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में नशा मुक्ति वार्ड छह साल से दोबारा शुरू नहीं हो पाया है। यहां नशे की लत से जुड़े इलाज के लिए रोजाना 150 से 180 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें से 5 से 8 मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। लेकिन वार्ड बंद होने के कारण मरीजों को करीब 4 किलोमीटर दूर सेठी कॉलोनी स्थित मनोचिकित्सालय जाना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन जगह की कमी को समस्या बता रहा है। अब दिवाली के बाद वार्ड दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोरोना काल में शिफ्ट हुआ था नशा मुक्ति वार्ड
SMS अस्पताल के बांगड़ परिसर में पहले 20 बेड का नशा मुक्ति वार्ड संचालित होता था। सितंबर 2020 में कोरोना महामारी के दौरान इसे अस्थायी रूप से मनोचिकित्सालय में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद से वार्ड SMS अस्पताल में दोबारा शुरू नहीं हो सका। करीब छह साल बीतने के बावजूद व्यवस्था बहाल नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में डॉक्टर मरीजों की जांच और परामर्श करते हैं। लेकिन भर्ती की जरूरत होने पर उन्हें दूसरे अस्पताल भेजना पड़ता है।
रोजाना 150 से 180 मरीज पहुंच रहे ओपीडी
वर्तमान में SMS अस्पताल के धनवंतरि ब्लॉक में नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य ओपीडी संचालित हो रही है। यहां रोजाना करीब 150 से 180 मरीज उपचार और परामर्श के लिए आते हैं। इनमें से लगभग 5 से 8 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें तत्काल भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में नशा मुक्ति वार्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण इन मरीजों को सेठी कॉलोनी स्थित मनोचिकित्सालय जाना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी होती है। कुछ मरीज वहां भर्ती होने में हिचकिचाते भी हैं, जिससे उनके उपचार पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
दूसरी बीमारियों के इलाज में भी मिल सकती है मदद
डॉक्टरों के अनुसार, नशे की लत से जूझ रहे कुछ मरीजों को लिवर, किडनी, हृदय और पेट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। SMS अस्पताल में भर्ती रहने पर जरूरत के अनुसार गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और मेडिसिन विभागों की सहायता मिल सकती है। अस्पताल में सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। गंभीर स्थिति में जरूरत पड़ने पर आईसीयू की सुविधा का लाभ भी मिल सकता है। ऐसे में अस्पताल परिसर में नशा मुक्ति वार्ड दोबारा शुरू होने से मरीजों को एक ही जगह पर उपचार की बेहतर सुविधा मिल सकती है।
दिवाली के बाद वार्ड शुरू होने की उम्मीद
SMS अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नशा मुक्ति वार्ड दोबारा शुरू करने में जगह की कमी बड़ी बाधा रही है। हालांकि, दिवाली तक कार्डियक टावर में आईपीडी शुरू होने के बाद बांगड़ परिसर में जगह खाली होने की संभावना है। इसके बाद वहां नशा मुक्ति वार्ड शुरू करने पर विचार किया जा सकता है। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए जगह तलाशने और वार्ड शुरू करने की बात कही है। अब मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में भर्ती की सुविधा बहाल होगी और उन्हें इलाज के लिए दूसरे अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।
अस्पताल प्रशासन ने जल्द व्यवस्था बहाल करने की बात कही
SMS मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार, अस्पताल में नशा मुक्ति वार्ड की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जगह की कमी के कारण इसे शुरू करने में परेशानी आ रही है। प्रशासन जल्द ही उपयुक्त जगह तलाशकर वार्ड शुरू करने का प्रयास करेगा। हालांकि, वार्ड शुरू होने की निश्चित तारीख अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में मरीजों को फिलहाल भर्ती के लिए मनोचिकित्सालय पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन कब तक इस समस्या का समाधान कर पाता है।