जयपुर-पचपदरा ग्रीन एक्सप्रेस-वे से बदलेगी जालोर की तस्वीर, जयपुर रिंग रोड से जुड़ेगा पूरा कॉरिडोर
राजस्थान के जालोर जिले को जल्द ही सड़क संपर्क के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित जयपुर-पचपदरा ग्रीन एक्सप्रेस-वे के निर्माण से जिले को राजधानी जयपुर और पश्चिमी राजस्थान से तेज एवं सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का एक हिस्सा जालोर जिले के भाद्राजून क्षेत्र से होकर गुजरेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि उद्योग, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलने की संभावना है।
393 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे जोड़ेगा कई अहम शहर
प्रस्तावित जयपुर-पचपदरा ग्रीन एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई लगभग 393 किलोमीटर होगी। यह मार्ग जयपुर के बगरू क्षेत्र से शुरू होकर सांगानेर, फागी, मौजमाबाद, दूदू, अराई, किशनगढ़, नसीराबाद, मसूदा, विजयनगर, ब्यावर, पाली, रोहिट, भाद्राजून और समदड़ी होते हुए पचपदरा रिफाइनरी तक पहुंचेगा। जालोर जिले के आहोर विधानसभा क्षेत्र की भाद्राजून तहसील में करीब 10 किलोमीटर तक यह एक्सप्रेस-वे गुजरेगा, जिससे जिले को पहली बार आधुनिक एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का सीधा लाभ मिलेगा।
भूमि अधिग्रहण और DPR का काम अंतिम चरण में
राज्य सरकार द्वारा दो वर्ष पहले घोषित इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। डीपीआर पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। यह परियोजना विशेष रूप से पचपदरा रिफाइनरी की भविष्य की आवश्यकताओं और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
जालोर के उद्योग और व्यापार को मिलेगा बड़ा लाभ
इस एक्सप्रेस-वे का सबसे अधिक लाभ जालोर के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में जिले से जयपुर, जोधपुर और गुजरात की ओर जाने वाले लोगों को बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी नहीं मिल पाती। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद भाद्राजून के पास से आधुनिक सड़क नेटवर्क उपलब्ध होगा, जिससे जयपुर और पचपदरा होते हुए गुजरात तक तेज आवागमन संभव होगा। खासकर जालोर के प्रसिद्ध ग्रेनाइट उद्योग को देश के विभिन्न हिस्सों तक माल पहुंचाने में समय और परिवहन लागत दोनों में कमी आने की संभावना है।
जालोर-झालावाड़ एक्सप्रेस-वे से भी बढ़ेंगी संभावनाएं
जयपुर-पचपदरा परियोजना के साथ-साथ प्रस्तावित जालोर-झालावाड़ एक्सप्रेस-वे भी जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लगभग 402 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे तक पहुंचाने की योजना है। इसके पूरा होने पर जालोर से झालावाड़ तक की यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। हालांकि, दोनों परियोजनाएं अभी प्रक्रियाधीन हैं और निर्माण की समय-सीमा संबंधित एजेंसियों की स्वीकृतियों एवं कार्य प्रगति पर निर्भर करेगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद जालोर को सड़क संपर्क, निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर मिलने की संभावना है।
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