Jaipur JLN Traffic Plan: 7.5 KM सड़क में बदलाव की तैयारी, शहरवासियों ने उठाए सवाल
जयपुर के जवाहर लाल नेहरू मार्ग यानी JLN मार्ग पर नए ट्रैफिक प्लान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ट्रैफिक दबाव मुख्य रूप से कुछ चौराहों पर है, लेकिन पूरे 7.5 किलोमीटर मार्ग के ऑपरेशन में बदलाव की तैयारी की चर्चा है। शहरवासियों का कहना है कि ट्रैफिक सुधार जरूरी है, लेकिन इसके लिए सड़क की हरियाली और मौजूदा खूबसूरती से समझौता नहीं होना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक जेडीए सर्किल, ओटीएस सर्किल और त्रिमूर्ति सर्किल जैसे प्रमुख जंक्शन पर अंडरपास या ग्रेड सेपरेशन जैसे विकल्पों पर पहले विचार किया जा सकता है।
JLN मार्ग पर पूरे 7.5 किलोमीटर के बदलाव पर सवाल
JLN मार्ग जयपुर की प्रमुख सड़कों में शामिल है। यह एयरपोर्ट, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और शहर के कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है।शहरवासियों का कहना है कि पूरे मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव एक जैसा नहीं है। कुछ प्रमुख चौराहों पर पीक ऑवर में जाम की स्थिति बनती है, जबकि कई हिस्सों में यातायात अपेक्षाकृत सामान्य रहता है।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि समस्या कुछ जंक्शन पर है तो पूरे मार्ग के स्वरूप में व्यापक बदलाव कितना जरूरी है।
जेडीए सर्किल और ओटीएस सर्किल पर सबसे ज्यादा दबाव
JLN मार्ग पर जेडीए सर्किल और ओटीएस सर्किल को प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन माना जा रहा है। यहां पीक ऑवर में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है।त्रिमूर्ति सर्किल पर भी व्यस्त समय में ट्रैफिक भार दिखाई देता है। इन स्थानों पर जाम की समस्या दूर करने के लिए अलग-अलग ट्रैफिक समाधान पर विचार किया जा सकता है।विशेषज्ञों की राय में अंडरपास या ग्रेड सेपरेशन जैसे विकल्प जंक्शन पर वाहनों के दबाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।
इन हिस्सों में अपेक्षाकृत कम है ट्रैफिक दबाव
JLN मार्ग के कुछ हिस्सों में यातायात दबाव तुलनात्मक रूप से कम बताया जा रहा है।
- त्रिमूर्ति सर्किल से रामनिवास बाग की ओर जाने वाले हिस्से में ट्रैफिक दबाव अपेक्षाकृत कम है।
- ओटीएस सर्किल से जवाहर सर्किल तक का बड़ा हिस्सा भी तुलनात्मक रूप से कम यातायात दबाव वाला बताया गया है।
ऐसे में इन हिस्सों में बड़े स्ट्रक्चर बनाने के बजाय मौजूदा सड़क व्यवस्था और हरियाली को बनाए रखने की मांग उठ रही है।
शहरवासियों ने कहा- ट्रैफिक सुधरे, लेकिन हरियाली न बिगड़े
निर्माण नगर निवासी सुनील नागौरी के मुताबिक JLN मार्ग जयपुर की खूबसूरत सड़कों में शामिल है। उनका कहना है कि जहां ट्रैफिक का दबाव अधिक है, वहां अंडरपास बनाए जा सकते हैं।वैशाली नगर निवासी कैलाश यादव ने महल रोड पर बने यू-टर्न का उदाहरण देते हुए कहा कि नए निर्माण से JLN मार्ग की हरियाली और खूबसूरती प्रभावित नहीं होनी चाहिए।जवाहर सर्किल निवासी अतुल गुप्ता का कहना है कि जेडीए को टोंक रोड पर भी ट्रैफिक सुधार पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार वहां यातायात बेहतर होने से JLN मार्ग पर दबाव कम हो सकता है।
महल रोड के यू-टर्न को लेकर भी उठे सवाल
शहरवासियों ने JLN मार्ग के प्रस्तावित बदलाव के साथ महल रोड पर किए गए यू-टर्न के प्रयोग का भी जिक्र किया है।उनका कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था में कोई भी बदलाव जमीन पर उसके वास्तविक प्रभाव को देखकर किया जाना चाहिए। केवल डिजाइन और प्रेजेंटेशन के आधार पर योजना लागू करने के बजाय मौके की परिस्थितियों का आकलन जरूरी है।महल रोड के अनुभव को लेकर भी लोगों ने इसी तरह के सवाल उठाए हैं।
गोविंद मार्ग का उदाहरण भी सामने आया
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गोविंद मार्ग का उदाहरण भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मास्टर प्लान के तहत इस सड़क को विकसित करने की योजना थी।ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में भी इससे जुड़े निर्णय लिए जाने की बात सामने आई। लेकिन जमीन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए गए हैं।इसके बाद रोडवेज और निजी बसों का संचालन रामबाग, जेडीए सर्किल और शांति पथ की ओर करने से इन जंक्शनों पर यातायात दबाव बढ़ने की बात कही गई है।
JLN मार्ग की पहचान बचाने की मांग
JLN मार्ग सिर्फ यातायात के लिए महत्वपूर्ण सड़क नहीं है। इसकी हरियाली और लैंडस्केपिंग भी जयपुर की पहचान का हिस्सा मानी जाती है।शहरवासियों की मांग है कि ट्रैफिक सुधार के लिए वैज्ञानिक और जंक्शन आधारित समाधान तलाशे जाएं। जहां वास्तविक दबाव है, वहां अंडरपास, ग्रेड सेपरेशन या सिग्नल प्रबंधन जैसे विकल्पों पर विचार हो।साथ ही सड़क के उन हिस्सों में अनावश्यक निर्माण से बचने की मांग है, जहां यातायात दबाव अपेक्षाकृत कम है।
ट्रैफिक प्लान जमीन पर उतरने से पहले समीक्षा की मांग
JLN मार्ग पर किसी बड़े बदलाव से पहले ट्रैफिक वॉल्यूम, पीक ऑवर की स्थिति, पैदल यात्रियों की आवाजाही और आसपास के संस्थानों की जरूरतों का अध्ययन महत्वपूर्ण होगा।इसके अलावा मौजूदा हरियाली, सड़क की क्षमता और भविष्य के यातायात दबाव को भी योजना में शामिल करना जरूरी है।फिलहाल शहरवासियों की नजर इस बात पर है कि जेडीए JLN मार्ग के लिए किस तरह की अंतिम योजना तैयार करता है और उसमें ट्रैफिक सुधार के साथ सड़क की मौजूदा पहचान को कितना महत्व दिया जाता है।