#देश दुनिया #पॉलिटिक्स #बिजनेस #राज्य-शहर

क्या पाकिस्तान चीन के कंट्रोल में है? पुतिन ने दिया बड़ा जवाब, भारत-चीन रिश्तों पर भी रखी राय

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत, चीन और पाकिस्तान को लेकर अहम बयान दिया है। सेंट पीटर्सबर्ग में मीडिया से बातचीत के दौरान पुतिन ने स्पष्ट कहा कि रूस भारत और चीन के द्विपक्षीय मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। वहीं पाकिस्तान को चीन के पूर्ण नियंत्रण में होने की धारणा को भी उन्होंने खारिज कर दिया।

भारत-चीन संबंधों पर क्या बोले पुतिन?

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और चीन के बीच संबंध बेहद नाजुक और बहुआयामी हैं। ऐसे में किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि रूस के दोनों देशों के साथ मजबूत और मित्रवत संबंध हैं, लेकिन भारत और चीन अपने लंबित मुद्दों को स्वयं सुलझाने में सक्षम हैं। पुतिन ने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सीमा विवाद समेत सभी अहम मुद्दों पर समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहे हैं।

गलवान के बाद सुधर रहे हैं रिश्ते

पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और चीन पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण रहे संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वर्ष 2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लंबे समय तक तनाव बना रहा था।

हाल के महीनों में दोनों देशों ने संवाद बढ़ाने और संबंधों को स्थिर करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

भारत और चीन दोनों से रूस के मजबूत संबंध

पुतिन ने कहा कि भारत और चीन के साथ रूस के रिश्ते स्वतंत्र हैं और एक-दूसरे को प्रभावित नहीं करते।

उन्होंने कहा कि भारत के साथ रूस की दोस्ती चीन के साथ उसके संबंधों को कमजोर नहीं करती और चीन के साथ बढ़ती साझेदारी भारत के साथ रिश्तों पर असर नहीं डालती।

पाकिस्तान पर पूछे गए सवाल का दिया जवाब

मीडिया बातचीत के दौरान जब पुतिन से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान पूरी तरह चीन के प्रभाव या नियंत्रण में है, तो उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया।

पुतिन ने कहा कि पाकिस्तान एक बड़ा और महत्वपूर्ण देश है, जिसके विभिन्न देशों के साथ बहुआयामी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि चीन के साथ पाकिस्तान का सहयोग जरूर महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पाकिस्तान पूरी तरह चीन के नियंत्रण में है।

चीन के साथ संबंध विकसित कर रहे कई देश

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई देश चीन के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत कर रहे हैं। इसलिए केवल पाकिस्तान को चीन से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।

उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय संबंध आज बहुध्रुवीय और बहुआयामी हो चुके हैं।

रक्षा सहयोग पर भी दिया बड़ा संकेत

पुतिन ने भारत-रूस रक्षा सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना को दोनों देशों के सफल सहयोग का उदाहरण बताया।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रूस ने भारत को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (Fifth Generation Fighter Aircraft) तकनीक में सहयोग का प्रस्ताव भी दिया है।

रूस-भारत-चीन ढांचे का भी किया उल्लेख

पुतिन ने बताया कि रूस-भारत-चीन (RIC) सहयोग ढांचे की स्थापना के पीछे भी उनका प्रयास रहा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक समय भारत और चीन के नेताओं को साथ लाने का सुझाव दिया था, जिसके बाद इस त्रिपक्षीय मंच की शुरुआत हुई।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *