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लेबनान पर इजरायली हमले के बाद ईरान सख्त, हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा ऐलान

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। लेबनान पर इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ हुई समझौता प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सख्त रुख अपनाया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नए प्रतिबंध और सुरक्षा नियम लागू करने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

ईरान का सख्त रुख, अमेरिका पर शर्तें न मानने का आरोप

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने लेबनान में सीजफायर और होर्मुज स्ट्रेट से सैन्य मौजूदगी हटाने से जुड़ी शर्तों का पालन नहीं किया है। ईरान के अनुसार, समझौते के बावजूद क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ है। लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।इसी स्थिति को देखते हुए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कड़े कदम उठाने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की बात कही है। ईरान का कहना है कि समुद्री सुरक्षा और संचालन व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू किए जाएंगे।

होर्मुज स्ट्रेट में नई पाबंदियां और निगरानी व्यवस्था

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि अब होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ को पहले से सूचना देनी होगी। जहाजों की आवाजाही तय मार्ग और समय-सारणी के अनुसार ही होगी ताकि समुद्री दुर्घटनाओं और सुरक्षा जोखिमों को कम किया जा सके।ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को चरणबद्ध तरीके से सामान्य किया जा सकता है। तकनीकी दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी भी चल रही है।

अमेरिका-ईरान समझौता और 60 दिन की अवधि

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी समझौते पर सहमति बनी थी, जिसमें होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से 60 दिनों तक शुल्क न लेने की बात शामिल थी।इस समझौते पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए जाने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि अगले 60 दिन बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे और आर्थिक लाभ ईरान के व्यवहार पर निर्भर करेगा।

इजरायल के हमलों के बाद फिर बिगड़े हालात

इसी बीच गुरुवार देर रात इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों पर बड़े हमले किए। रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया और कई लोगों की मौत भी हुई।इन घटनाओं के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ हुई सहमति पर असंतोष जताया और समझौते से पीछे हटने के संकेत दिए हैं। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट पर सख्ती बढ़ाने की घोषणा ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।

इजरायल का जवाब, सैन्य कार्रवाई जारी रखने का दावा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल अपने नागरिकों और सैनिकों पर किसी भी हमले का सख्त जवाब देगा। उन्होंने लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई को सुरक्षा कारणों से जरूरी बताया।नेतन्याहू ने हमलों में मारे गए इजरायली सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उत्तरी इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक सेना दक्षिणी लेबनान में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी।

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