डिवाइडर से टकराकर हाइवे पर पलटी बस, इंडोनेशिया में भीषण हादसे में 16 की मौत | Video
जावा द्वीप में दर्दनाक रात
इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। राजधानी जकार्ता से योग्यकार्ता जा रही एक पैसेंजर बस नियंत्रण खोकर हाइवे पर पलट गई, जिसमें कम से कम 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे का वीडियो सामने आने के बाद इसकी भयावहता और साफ नजर आई।
🚌 कैसे हुआ हादसा
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह दुर्घटना रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात मध्य जावा के सेमारंग शहर में क्रापयाक टोल रोड पर हुई। 34 यात्रियों को ले जा रही बस जैसे ही एक घुमावदार एग्जिट रैंप में दाखिल हुई, ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और बस कंक्रीट डिवाइडर से टकराकर पलट गई।
⚠️ एग्जिट रैंप पर बिगड़ा संतुलन
एग्जिट रैंप ढलान वाला वह रास्ता होता है, जो हाईवे से बाहर निकलने या दूसरी सड़क से जुड़ने के लिए बनाया जाता है। पुलिस और बचाव एजेंसियों के मुताबिक, इसी मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण बस असंतुलित हो गई और हादसा हो गया।
💥 टक्कर इतनी तेज कि यात्री उछलकर फंस गए
राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी के प्रमुख बुडियोनो ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई यात्री अपनी सीटों से उछलकर बस की बॉडी में फंस गए। बस के पलटते ही चीख-पुकार मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
🚑 40 मिनट बाद पहुंचा बचाव दल
हादसे की सूचना मिलने के करीब 40 मिनट बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। राहत कार्य के दौरान छह यात्रियों के शव घटनास्थल से बरामद किए गए, जिनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
🏥 इलाज के दौरान बढ़ा मौत का आंकड़ा
बुडियोनो के अनुसार, अन्य 10 लोगों की मौत अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान हो गई। इस हादसे में कुल 16 लोगों की जान चली गई।
वहीं, 18 घायलों का इलाज नजदीकी दो अस्पतालों में जारी है, जिनमें
- 5 की हालत बेहद नाजुक (क्रिटिकल)
- 13 की हालत गंभीर (सीरियस) बताई जा रही है।
📺 टीवी फुटेज में दिखी भयावह तस्वीरें
इंडोनेशियाई टीवी चैनलों पर दिखाए गए वीडियो में पीले रंग की बस हाइवे पर एक तरफ पलटी हुई नजर आई। मौके पर पुलिस, बचावकर्मी और स्थानीय लोग जुटे हुए थे, जबकि एम्बुलेंस घायलों और शवों को अस्पताल ले जा रही थीं।
सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
इंडोनेशिया में तेज रफ्तार, खराब मोड़ और रात के समय लंबी दूरी की बस यात्राएं अक्सर हादसों की वजह बनती हैं। इस दुर्घटना ने एक बार फिर टोल रोड डिजाइन, ड्राइवर थकान और रफ्तार नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।