बड़ी कार्रवाई की तैयारी: इंडिगो के CEO पर गाज गिरने के संकेत…
✈ सरकार का सख्त रुख, इंडिगो संकट पर ऐतिहासिक कदम संभव
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर सरकार अब सख्त एक्शन के मूड में नजर आ रही है। शीर्ष सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के CEO पीटर एल्बर्स की बर्खास्तगी की मांग की जा सकती है। लगातार उड़ानें रद्द होने से मचे हंगामे के बाद केंद्र सरकार भारी जुर्माना लगाने और इंडिगो की उड़ानों की संख्या घटाने जैसे कड़े फैसले ले सकती है।
⏰ मंत्रालय में तलब हुए इंडिगो के अधिकारी
शाम 6 बजे इंडिगो के वरिष्ठ अधिकारियों को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में तलब किया गया है। इस पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुकी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में आगे की रणनीति पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
💸 फ्लाइट कैंसिल होते ही बढ़ा किराया, यात्रियों पर दोहरी मार
इंडिगो की बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होने के बाद दूसरी एयरलाइंस ने मौके का फायदा उठाकर किराए में भारी बढ़ोतरी कर दी। इससे यात्रियों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई। कई रूट्स पर किराया सामान्य से कई गुना तक पहुंच गया।
🏛 सरकार ने दिखाया रेगुलेटरी पावर का दम
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने साफ किया कि सरकार ने मनमाने किराए रोकने के लिए अपनी रेगुलेटरी शक्तियों का इस्तेमाल किया है। सभी प्रभावित रूट्स पर अब ‘वाजिब और नियंत्रित किराया’ सुनिश्चित किया जाएगा।
📱 मंत्री का बयान: गलत प्राइसिंग पर तुरंत एक्शन
मंत्री ने एक्स (X) पर पोस्ट कर कहा कि मंत्रालय रियल-टाइम डेटा के जरिए एयरलाइंस और ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखेगा। किराया तय नियमों से ज्यादा बढ़ाने पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🔍 इंडिगो पर सबसे बड़ी सरकारी सख्ती क्यों?
इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है और उसके नेटवर्क का बड़ा हिस्सा प्रभावित होने से राष्ट्रीय स्तर पर यात्री व्यवस्था चरमरा गई। सरकार इसे केवल व्यावसायिक लापरवाही नहीं, बल्कि “जनहित प्रभावित करने वाला संकट” मान रही है। यही कारण है कि पहली बार CEO स्तर पर कार्रवाई की संभावना बनी है।