कनाडा में ‘पोते से मिलने’ आए भारतीय नागरिक ने किशोरियों को परेशान कराई मुसीबत; अब निकाला जाएगा देश से…
कनाडा में छह-महीने की विजिटर वीजा पर आए 51 वर्षीय भारतीय नागरिक जगजीत सिंह ने दो किशोर लड़कियों को स्कूल के बाहर समय-समय पर परेशान करने के आरोपी पाए जाने के बाद दोषी ठहराए गए हैं। अब उन्हें निर्वासित करने और देश में पुनः प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया है।
स्कूल के बाहर नियमित रूप से होती थी उपस्थिति
कनाडाई पुलिस ने बताया कि जगजीत सिंह ने ओंटारियो के सारनिया क्षेत्र में स्थित एक हाई-स्कूल के स्मोकिंग ज़ोन के बाहर अक्सर जाना शुरू कर दिया था, जहाँ उन्होंने कथित रूप से किशोर लड़कियों से संपर्क किया और उनसे तस्वीरें लेने की कोशिश की।
एक विजिटर वीज़ा पर आए व्यक्ति का स्कूल परिसर के बाहर किशोरों के करीब नियम-व्यवस्था का उल्लंघन करता देखना सुरक्षा प्रणाली में चूक का संकेत है।
तस्वीरें लेने के प्रयास और व्यक्तिगत क्षेत्र में हस्तक्षेप
रिपोर्ट्स के अनुसार 8-11 सितंबर की बैठक में वह दो किशोरियों से तस्वीरें लेने का प्रयास कर रहा था; एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने शुरुआत में तस्वीर लेने से मना किया, लेकिन बाद में आशा जताई कि इससे आरोपी चले जाएगा, किन्तु उसके निजी क्षेत्र में इस व्यक्ति के आने का प्रयास हुआ।
इस तरह का व्यवहार न केवल सामाजिक रूप से अस्वीकार्य है बल्कि कानूनी दृष्टि से भी किशोरों की सुरक्षा व निजी-क्षेत्र में हस्तक्षेप के मामले में गंभीर अपराध बन सकता है।
स्कूल से बाहर लड़कियों का पीछा — गिरफ्तारी हुई
पुलिस ने कहा कि आरोपी सिर्फ स्कूल परिसर में नहीं रुका, बल्कि स्कूल से बाहर निकलने पर लड़कियों का पीछा भी किया। 16 सितंबर को उसे गिरफ्तार किया गया और यौन हस्तक्षेप व यौन उत्पीड़न के आरोप लगे।
जवान लड़कियों का पीछा करना विदेशी देश में एक गंभीर सुरक्षा व समाज-विश्वास का प्रश्न उठाता है — स्थान-विशेष में इस तरह के घटनाक्रम के खिलाफ नीतिगत समीक्षा की आवश्यकता है।
निर्वासन और प्रवेश पर प्रतिबंध—कनाडा ने दिया सख्त संदेश
मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी का हाई-स्कूल प्रॉपर्टी पर होना उचित नहीं था। उसे तत्काल भारत वापस भेजने तथा कनाडा में पुनः प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया।
यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि विदेशी विजिटर वीजा धारकों द्वारा स्थानीय कानून-व्यवस्था का उल्लंघन न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी जोखिम हो सकता है।
प्रवास-विजिटर वीजा और सुरक्षा चुनौतियाँ
यह मामला प्रवासों और विजिटर वीजा के इस्तेमाल को लेकर नई चुनौतियाँ पेश करता है — जहाँ व्यक्ति सिर्फ “पोते/पोती से मिलने” आया हो लेकिन व्यवहार नियमों के अंतर्गत न आता हो। इसके अलावा यह अति-संवेदनशील क्षेत्र, जैसे स्कूल परिसर व बच्चों के आसपास की सुरक्षा, किस तरह व्यवस्थित की जाती है, उस पर पुनर्विचार का अवसर देता है।
देशों के लिए यह संदेश है कि विजिटर वीजा व्यवस्थाओं में सिर्फ प्रवेश-नियंत्रण ही नहीं बल्कि स्थानीय सुरक्षा तंत्र, निगरानी व जवाबदेही प्रणालियों का समग्र मूल्यांकन जरूरी है।