भारत-पाक रिश्तों में नई पहल की मांग, मनोज झा बोले- सरकार अपनी नीति स्पष्ट करे
भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर दोनों देशों के 100 से अधिक प्रमुख नागरिकों की शांति अपील के बीच आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा का बयान चर्चा में है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट नीति अपनाने, नागरिक स्तर पर संवाद बनाए रखने और RSS नेतृत्व के हालिया बयानों को लेकर भी सवाल उठाए।
शांति अपील के बीच मनोज झा की प्रतिक्रिया
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की मांग को लेकर दोनों देशों के 100 से अधिक प्रमुख नागरिकों ने दोनों प्रधानमंत्रियों से संवाद बहाल करने की अपील की है। इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि सरकार को राज्य और नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना चाहिए। उनके अनुसार सुरक्षा और कूटनीति से जुड़े फैसले सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन आम लोगों के बीच संपर्क और संवाद पूरी तरह खत्म नहीं होना चाहिए।
महात्मा गांधी के विचारों का किया जिक्र
मनोज झा ने कहा कि महात्मा गांधी हमेशा राज्य और नागरिकों को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखने की बात करते थे। उन्होंने कहा कि जल विवाद, आतंकवाद और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को सख्त रुख अपनाने का अधिकार है, लेकिन नागरिकों के बीच संवाद और सामाजिक रिश्तों को पूरी तरह समाप्त करना समाधान नहीं हो सकता। उनका मानना है कि लोगों के बीच संपर्क बनाए रखने से आपसी समझ बढ़ती है।
क्रिकेट मुकाबलों का उदाहरण देकर उठाए सवाल
आरजेडी सांसद ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में हुए क्रिकेट मुकाबलों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि एक ओर कड़े प्रतिबंधों की बात की जाती है और दूसरी ओर खेल गतिविधियां जारी रहती हैं, तो इससे नीति को लेकर विरोधाभास दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर स्पष्ट और एक समान नीति अपनानी चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति न बने।
RSS नेतृत्व के बयानों का भी किया उल्लेख
मनोज झा ने कहा कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को लेकर उसकी आधिकारिक नीति क्या है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेतृत्व के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा कि यदि संवाद और पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने की बात कही जाती है, तो उसे सरकारी नीति में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उनके अनुसार राष्ट्रीय हित और जनसंपर्क के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।