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अलवर में बेरोजगारी भत्ते में फर्जीवाड़ा, 10 लोगों पर FIR; SSO ID से छेड़छाड़ कर हड़पे ₹5.19 लाख

अलवर जिले में मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता लेने में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जिला रोजगार कार्यालय की जांच में 10 लाभार्थियों द्वारा गलत जानकारी देने और दस्तावेजों में हेरफेर कर भत्ता लेने का खुलासा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ अरावली विहार थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

यह जांच रोजगार सेवा निदेशालय, जयपुर के निर्देश पर की गई थी। जांच में सामने आया कि कई आवेदकों ने अपनी SSO ID के जरिए जॉब सीकर प्रोफाइल में बदलाव किए, जरूरी दस्तावेज हटाए और कुछ मामलों में नाम, पता और मोबाइल नंबर तक बदल दिए।

जिला रोजगार कार्यालय ने 17 मार्च 2026 को आरोपियों के पते पर नोटिस भेजे, लेकिन अधिकांश मामलों में डाक विभाग ने “प्राप्तकर्ता नहीं रहता” या “कोई व्यक्ति नहीं मिला” लिखकर पत्र वापस लौटा दिए। इससे फर्जी पते के इस्तेमाल की पुष्टि हुई।

भारतीय स्टेट बैंक की आर्य नगर शाखा से मिली जानकारी के आधार पर यह भी सामने आया कि कई आवेदकों का वास्तविक निवास अलवर के बजाय दौसा जिले में है। आरोपियों में धर्मेंद्र सिंह बलाई (₹65,419), रमेश चंद सैनी (₹17,419), पिंकल कंवर (₹37,800), कौशल्या राजपूत (₹57,194), कृष्ण कुमार प्रजापत (₹65,419), विजय पाल सैनी (₹50,968), गीता सैनी (₹61,650), लाडो उर्फ रीना सैनी (₹70,650), राजेश कुमार सैनी (₹42,800) और दिनेश सैनी (₹50,000) शामिल हैं। इन सभी से कुल करीब ₹5.19 लाख की राशि वसूल कर राजकोष में जमा कराई जाएगी।

जांच में यह भी पाया गया कि कुछ आरोपियों ने 19 और 21 मार्च को SSO ID के माध्यम से प्रोफाइल में बदलाव कर दस्तावेज हटाए, जो योजना के नियमों का उल्लंघन है। जिला रोजगार अधिकारी तमन्ना सिंह ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए हैं।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक भगवान सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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