अलवर में अवैध खनन से गांवों में दहशत, धमाकों से कांप रही धरती, मकानों में आई दरारें
अलवर के टहला क्षेत्र के पावटा और नांगल चंदेल गांवों में अवैध पत्थर खनन के लिए किए जा रहे विस्फोटों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लगातार धमाकों से मकानों में दरारें आ गई हैं और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
चारागाह भूमि पर अवैध खनन का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, खसरा संख्या 247 (नांगल चंदेल) और 127 (पावटा दामोदर) की चरागाह भूमि पर पिछले कई वर्षों से अवैध खनन किया जा रहा है। आरोप है कि यह गतिविधि खुलेआम जारी है, जबकि पुलिस, वन विभाग और खनन विभाग की चौकियां आसपास मौजूद हैं। इसके बावजूद कार्रवाई न होना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
धमाकों से मकानों में दरारें, गांवों में दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि खनन के दौरान किए जा रहे विस्फोटों से तेज कंपन उत्पन्न होता है, जिससे घरों की दीवारों में दरारें बढ़ती जा रही हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में भय का माहौल है। ध्वनि प्रदूषण और लगातार धमाकों का असर न सिर्फ इंसानों पर बल्कि पशुधन और वन्यजीवों पर भी पड़ रहा है।
रोज 200 से ज्यादा वाहनों की आवाजाही
स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन क्षेत्र से प्रतिदिन 200 से अधिक डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पत्थर ढोती हैं। रात के समय यह आवाजाही और अधिक बढ़ जाती है, जिससे गांव की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों की प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए अवैध खनन तुरंत बंद कराने की अपील की है। साथ ही दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।