चलती ट्रेन में इंसानियत की मिसाल: यात्रियों की मदद से गर्भवती महिला ने दिया स्वस्थ बच्ची को जन्म
जयपुर से अलवर की ओर आने वाली भुज–बरेली ट्रेन में उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब सफर के दौरान एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर लगते ही डिब्बे में मौजूद यात्रियों ने बिना समय गंवाए मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
डिब्बे में मौजूद कृषि विभाग के कर्मचारी संजय बुंदेला और महुआ सीएचसी, दौसा की नर्सिंग कर्मी ममता मीणा तुरंत महिला की ओर पहुंचे। उनके साथ टीटीई रमेश बैरवा भी जुट गए और तीनों ने मिलकर डिलीवरी की तैयारी शुरू कर दी।
महिला को गोपनीयता और सुरक्षा देने के लिए आसपास बैठी महिलाओं ने अपनी चुन्नी और लुगड़ी से तुरंत पर्दे तैयार किए और पूरा माहौल सुरक्षित बनाया। टीम की त्वरित सूझबूझ से सिर्फ 5 मिनट में ही प्रसव कराया गया, जिसमें महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
डिलीवरी के बाद ट्रेन जैसे ही दौसा रेलवे स्टेशन पहुंची, तुरंत एंबुलेंस बुलवाकर मां-बेटी को दौसा के सरकारी अस्पताल भिजवा दिया गया।
सुरक्षित प्रसव के बाद डिब्बे में मौजूद सभी यात्रियों ने मददगार टीम की जमकर सराहना की और नवजात बच्ची को आशीर्वाद के साथ शगुन के पैसे भी दिए। इस घटना ने साबित कर दिया कि आपदा की घड़ी में इंसानियत और सेवा सबसे बड़ा धर्म है।