मुख्य शीर्षक: ‘रामायणम्’ में साई पल्लवी ने सीता के रूप में जीता दिल, नैचुरल ब्यूटी और सादगी की हो रही जमकर तारीफ
30 जुलाई को नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होते ही साई पल्लवी सुर्खियों में छा गई हैं। रणबीर कपूर के भगवान राम के किरदार के सामने माता सीता का रोल निभा रही साई ने अपनी नैचुरल ग्रेस और सादगी से सबका मन मोह लिया है। मेकर्स द्वारा शेयर की गई उनकी लुक की तस्वीरों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। उनकी दिव्यता और शांत भाव ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है और सोशल मीडिया पर फैंस उन्हें ही असली सीता बताते हुए जमकर तारीफें कर रहे हैं।
फैंस ने किया सिर आंखों पर, मिल रही जबरदस्त तारीफें
ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर साई पल्लवी के सीता लुक की चर्चा जोरों पर है। मेकर्स ने उनकी जो तस्वीरें साझा की हैं, उनमें उनकी खूबसूरती और दिव्यता साफ झलक रही है। फैंस उनकी स्क्रीन प्रेजेंस से काफी प्रभावित हैं। एक फैन ने कमेंट करते हुए लिखा कि माता सीता का किरदार निभाने के लिए साई पल्लवी से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता, क्योंकि वह असल जिंदगी और पर्दे पर समान रूप से ग्रेसफुल हैं। वहीं, कई यूजर्स ने उनकी पुरानी फिल्मों की झलक और सादगी की तारीफ की है।
इनसिक्योरिटी से लेकर आत्मविश्वास तक का प्रेरणादायक सफर
साई पल्लवी आज भले ही अपनी नैचुरल ब्यूटी और बिना मेकअप के स्क्रीन पर नजर आने के लिए जानी जाती हों, लेकिन यह आत्मविश्वास उन्हें आसानी से नहीं मिला। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया था कि अपने करियर की शुरुआत में वह अपने लुक्स, आवाज और चेहरे के पिंपल्स को लेकर काफी असुरक्षित महसूस करती थीं। 2015 की मलयालम ब्लॉकबस्टर ‘प्रेमम’ में लीड रोल मिलने पर उन्हें डर था कि दर्शक उन्हें स्वीकार करेंगे या नहीं। वह सोचती थीं कि जब वह खुद को पसंद नहीं करतीं, तो लोग कैसे करेंगे, लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत दिखाई।
नैचुरल लुक और दमदार एक्टिंग का अनोखा और प्रभावशाली संगम
साई पल्लवी ने हमेशा अपनी असल पहचान और नैचुरल लुक को तरजीह दी है। वह अक्सर बिना भारी मेकअप के, अपने असली कर्ली बालों और नेचुरल स्किन के साथ स्क्रीन पर नजर आती हैं, जो आज के ग्लैमरस दौर में काफी दुर्लभ है। ‘रामायण’ में सीता के रूप में उनका यह नैचुरल अवतार दर्शकों को गहराई से छू रहा है। उनकी यही खासियत उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाती है। मेकर्स का यह फैसला पूरी तरह सही साबित हो रहा है, क्योंकि साई की आंखों में वह गहराई और शांति है जो माता सीता के चरित्र की मांग है।