बार-बार होता है सिरदर्द? जानिए Headache के कितने प्रकार होते हैं और कब हो जाएं सतर्क
क्या आपको अक्सर सिरदर्द की शिकायत रहती है? कई लोग इसे थकान, तनाव या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हर सिरदर्द एक जैसा नहीं होता। कुछ सिरदर्द सामान्य होते हैं, जबकि कुछ गंभीर न्यूरोलॉजिकल या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकते हैं। अमेरिकी स्वास्थ्य संस्थानों की रिपोर्ट के अनुसार, सिरदर्द के कई प्रकार होते हैं और हर प्रकार के लक्षण, कारण तथा इलाज अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि आपका सिरदर्द किस श्रेणी में आता है और कब डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
टेंशन हेडेक: सबसे आम लेकिन नजरअंदाज किया जाने वाला दर्द
टेंशन हेडेक दुनिया में सबसे अधिक पाया जाने वाला सिरदर्द है। इसमें ऐसा महसूस होता है जैसे सिर के चारों ओर कोई कसाव या दबाव बना हुआ हो। दर्द आमतौर पर पूरे सिर में होता है और इसके साथ गर्दन व कंधों में जकड़न भी महसूस हो सकती है। तनाव, पर्याप्त नींद न लेना, लंबे समय तक लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन के सामने बैठना और गलत पोस्चर इसकी प्रमुख वजहें हैं। जीवनशैली में सुधार, पर्याप्त आराम और तनाव कम करने से इस तरह के सिरदर्द से काफी हद तक बचा जा सकता है।
माइग्रेन: सिर्फ सिरदर्द नहीं, एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी
माइग्रेन को सामान्य सिरदर्द समझना बड़ी भूल हो सकती है। इसमें सिर के एक हिस्से में धड़कन जैसा तेज दर्द होता है, जिसके साथ मतली, उल्टी, तेज रोशनी और तेज आवाज से परेशानी भी हो सकती है। माइग्रेन का दौरा कुछ घंटों से लेकर दो-तीन दिनों तक रह सकता है और व्यक्ति की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर देता है। हार्मोनल बदलाव, तनाव, कुछ विशेष खाद्य पदार्थ, नींद की कमी और मौसम में बदलाव इसके ट्रिगर हो सकते हैं। बार-बार माइग्रेन होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
क्लस्टर और साइनस हेडेक: पहचानना है बेहद जरूरी
क्लस्टर हेडेक सबसे दर्दनाक सिरदर्दों में माना जाता है। इसमें एक आंख के पीछे या आसपास अचानक असहनीय दर्द होता है, साथ ही आंख से पानी आना, लाल होना और नाक बहने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह अक्सर कई दिनों या हफ्तों तक रोज एक निश्चित समय पर होता है। वहीं, साइनस हेडेक साइनस में सूजन या संक्रमण के कारण होता है, जिसमें माथे, आंखों और गालों के आसपास भारीपन महसूस होता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार माइग्रेन को गलती से साइनस हेडेक समझ लिया जाता है, इसलिए सही जांच जरूरी होती है।
बार-बार दर्द की गोली खाना भी बन सकता है सिरदर्द की वजह
बहुत से लोग सिरदर्द से राहत पाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार दर्द निवारक दवाएं लेने लगते हैं। लेकिन लगातार ऐसा करने से मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक विकसित हो सकता है, जिसमें दवा ही सिरदर्द का कारण बन जाती है। यदि अचानक जीवन का सबसे तेज और असहनीय सिरदर्द महसूस हो, या सिरदर्द के साथ बेहोशी, उल्टी, बोलने में दिक्कत, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, तेज बुखार, गर्दन में अकड़न या सिर पर चोट के बाद दर्द शुरू हो, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानते हुए तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
सिरदर्द से बचाव के आसान उपाय
हालांकि हर प्रकार के सिरदर्द को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसका खतरा काफी कम किया जा सकता है। रोजाना पर्याप्त नींद लें, शरीर में पानी की कमी न होने दें, समय पर भोजन करें और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करें। लंबे समय तक स्क्रीन देखने के दौरान बीच-बीच में आंखों और गर्दन को आराम दें। बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं का लगातार सेवन करने से बचें। यदि सिरदर्द बार-बार हो रहा है या उसका पैटर्न बदल रहा है, तो स्वयं इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।