कश्मीर पर पाकिस्तान को पूर्व जनरल का करारा जवाब, बोले- रोने और चिल्लाने से नहीं बदलेगी हकीकत
संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयान पर भारत की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार कश्मीर का मुद्दा उठाने से वास्तविकता नहीं बदलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान की बयानबाजी से इस स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान ने दोहराया पुराना राग
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय विवाद बताते हुए कहा कि यह मुद्दा सुरक्षा परिषद के एजेंडे में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर कभी भारत का हिस्सा नहीं था और न ही हो सकता है। पाकिस्तान की ओर से दिए गए इस बयान को लेकर एक बार फिर दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। लंबे समय से पाकिस्तान विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे को उठाता रहा है, जबकि भारत इसे पूरी तरह आंतरिक और द्विपक्षीय मामला बताता है।
हर्ष कक्कड़ बोले- कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा
पाकिस्तानी प्रतिनिधि के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ ने सोशल मीडिया पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर कोई अंतरराष्ट्रीय विवाद नहीं, बल्कि ऐसा मुद्दा है जिसमें पाकिस्तान ने अवैध रूप से भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है। कक्कड़ ने कहा कि भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता या हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता और पाकिस्तान चाहे जितनी कोशिश कर ले, स्थिति बदलने वाली नहीं है। उनके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार शिकायत करने या समर्थन मांगने से पाकिस्तान को कोई लाभ नहीं मिलने वाला।
भारत ने भी खारिज किए पाकिस्तान के आरोप
इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने भी पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज किया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान पाकिस्तान की आंतरिक विफलताओं और मानवाधिकार से जुड़े गंभीर सवालों से ध्यान हटाने का प्रयास हैं। भारत का कहना है कि पाकिस्तान को अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि वह बार-बार भारत पर आरोप लगाए।
पीओके की स्थिति पर भी उठे सवाल
हाल के दिनों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान इन क्षेत्रों में लोगों की आवाज दबाने और मूलभूत अधिकारों का हनन करने में लगा हुआ है। इसी संदर्भ में भारतीय अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान को अपने प्रशासनिक और मानवाधिकार संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि पीओके में बढ़ते असंतोष के कारण पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे को फिर से उछालने की कोशिश कर रहा है।
कश्मीर पर भारत का रुख पहले जैसा कायम
भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर बातचीत द्विपक्षीय आधार पर ही हो सकती है और इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की ताजा बयानबाजी के बावजूद भारत ने अपने रुख में किसी बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कश्मीर पर दोनों देशों की स्थिति फिलहाल पहले जैसी ही बनी हुई है।