हरभजन सिंह के पोस्ट पर मचा बवाल, NEET आंदोलन पर बयान के बाद कमेंट सेक्शन बंद करने पर घिरे
नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है। हरभजन ने छात्रों के आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी, लेकिन पोस्ट का कमेंट सेक्शन बंद रखने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया। इसके बाद एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उनके पोस्ट को लेकर बहस तेज हो गई।
NEET आंदोलन पर हरभजन सिंह ने क्या कहा
पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होना सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि किसी भी गतिरोध का समाधान बातचीत और आपसी विश्वास से निकल सकता है। हरभजन ने लिखा कि बेहतर शिक्षा का सपना देखने वाला हर छात्र मजबूत भारत का निर्माण करना चाहता है और सभी पक्षों को सहानुभूति के साथ संवाद कर स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं के हितों को सर्वोच्च बताते हुए देशहित में मिलकर रास्ता निकालने की अपील की।
कमेंट सेक्शन बंद करने पर सोशल मीडिया में उठे सवाल
हरभजन सिंह के पोस्ट से ज्यादा चर्चा उनके कमेंट सेक्शन को बंद करने को लेकर हुई। कई यूजर्स ने उनके पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए सवाल उठाए कि यदि उन्होंने अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखी है तो लोगों की प्रतिक्रिया सुनने से परहेज क्यों किया। कुछ यूजर्स ने लिखा कि आलोचना से बचने के लिए कमेंट सेक्शन बंद किया गया है, जबकि अन्य ने उन्हें खुली चर्चा के लिए कमेंट सुविधा चालू करने की सलाह दी। देखते ही देखते यह मुद्दा सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी बनी चर्चा का विषय
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने हरभजन सिंह की हालिया राजनीतिक पारी का भी जिक्र किया। पूर्व राज्यसभा सांसद रहे हरभजन ने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा है। इसी वजह से उनके पोस्ट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं और कई लोगों ने इसे मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर अपनी राय व्यक्त की।
NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी है विरोध प्रदर्शन
नीट पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में भी आंदोलन चल रहा है, जहां सोनम वांगचुक ने लंबा अनशन किया था। आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया।
युवाओं के भविष्य पर सरकार का संदेश
विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की। साथ ही संबंधित एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।