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सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल: क्या 3 लाख के पार जाएगी चांदी?

कीमतों ने बनाया नया रिकॉर्ड

वैश्विक बाजारों में तेज़ी के असर से सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। चांदी 15,000 रुपये बढ़कर 2,65,000 रुपये प्रति किलो के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वहीं सोना भी 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर अपने नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया।

बीते कुछ महीनों से कीमती धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन ट्रेंड अब भी तेजी की ओर झुका हुआ है।


अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़े

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी में करीब 6 प्रतिशत की तेजी आई और यह 2,50,000 से बढ़कर 2,65,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं 99.9% शुद्धता वाला सोना 2,900 रुपये यानी 2.05% चढ़कर 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।

घरेलू बाजार में यह तेजी अंतरराष्ट्रीय संकेतों के अनुरूप है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।


अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी ऐतिहासिक तेजी

वैश्विक बाजार में सोना पहली बार 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया और 4,601.69 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड पर पहुंचा। वहीं चांदी भी करीब 6% उछलकर 84.61 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।


विशेषज्ञों की राय: क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?

लेमन मार्केट्स के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग के अनुसार, जोखिम भरे वैश्विक माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि सोना और चांदी दोनों में जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है।

ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं ने चांदी को नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है।

सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की तलाश में कीमती धातुओं की मांग लगातार बढ़ रही है।


भू-राजनीतिक तनाव ने बढ़ाया दबाव

रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ-साथ ईरान में बढ़ती अशांति ने वैश्विक अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य कार्रवाई से जुड़े बयानों ने बाजार में डर का माहौल पैदा किया है।

जब भी वैश्विक स्तर पर राजनीतिक या सैन्य तनाव बढ़ता है, निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं।


डॉलर पर दबाव और फेड विवाद का असर

अमेरिका में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन को लेकर शुरू हुई जांच और ट्रंप-फेड टकराव से डॉलर कमजोर हुआ है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर डॉलर से कीमती धातुओं को और समर्थन मिला है।

डॉलर में कमजोरी अक्सर सोना और चांदी की कीमतों को ऊपर ले जाती है।


क्या चांदी 3 लाख रुपये पार करेगी?

तेजी जिस रफ्तार से बनी हुई है, उससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या चांदी जल्द ही 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार जाएगी। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल कुछ भी पक्के तौर पर कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन मौजूदा ट्रेंड संकेत देता है कि कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

अगर भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं बनी रहीं, तो चांदी का 3 लाख का आंकड़ा छूना असंभव नहीं होगा।

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