#देश दुनिया #पॉलिटिक्स #बिजनेस #राज्य-शहर

सोने की कीमतों में उछाल: क्यों महंगा हुआ गोल्ड, सरकार और आरबीआई की क्या है तैयारी?

हाल के महीनों में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी इसकी बड़ी वजह है। उन्होंने बताया कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक सोने के आयात और मांग की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

वैश्विक केंद्रीय बैंकों की खरीद से बढ़ी कीमतें

वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा दौर में कई देशों के केंद्रीय बैंक सोना और चांदी बड़े पैमाने पर खरीद रहे हैं और अपने भंडार को मजबूत कर रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।
वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और बाजारों में अस्थिरता के चलते भी निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं।

भारत में बढ़ा सोने का आयात, सरकार रख रही नजर

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान भारत का सोना आयात मूल्य के लिहाज से बढ़कर लगभग 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
वित्त मंत्री के मुताबिक, सरकार इस बात पर नजर रख रही है कि बढ़ता आयात देश की अर्थव्यवस्था और चालू खाते के संतुलन को प्रभावित न करे। हालांकि फिलहाल स्थिति को चिंताजनक नहीं माना गया है।

आरबीआई का आकलन: जनवरी में अचानक दिखा उछाल

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद आयातित मात्रा में कमी रहने से प्रभाव काफी हद तक संतुलित रहा।
लेकिन जनवरी 2026 में सोने के आयात की मात्रा और मूल्य—दोनों में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। आरबीआई इस बढ़ोतरी के आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है।

त्योहार और निवेश की परंपरा से बढ़ती घरेलू मांग

भारत में सोने की मांग पारंपरिक रूप से त्योहारों और शुभ अवसरों पर बढ़ती है। अक्षय तृतीया, शादियों का मौसम और निवेश के तौर पर सोने की लोकप्रियता घरेलू मांग को बढ़ावा देती है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सोने का शुद्ध आयातक है और घरेलू निवेशकों के बीच सोना अब भी सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।

चालू खाते का घाटा फिलहाल नियंत्रण में

आरबीआई गवर्नर के मुताबिक, भारत का चालू खाते का घाटा (CAD) फिलहाल जीडीपी के लगभग 1 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है, जिसे प्रबंधनीय स्तर माना जा रहा है।
उन्होंने भरोसा जताया कि भारत का बाह्य क्षेत्र मजबूत स्थिति में है और सोने के आयात से फिलहाल किसी बड़े आर्थिक खतरे की आशंका नहीं है।

आरबीआई बोर्ड बैठक में वैश्विक हालात की समीक्षा

वित्त मंत्री ने आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की 621वीं बैठक को संबोधित किया। इस बैठक में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, वैश्विक बाजारों की अस्थिरता और इनके भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान आगामी केंद्रीय बजट 2026–27 की रणनीतिक दिशा पर भी चर्चा हुई।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *