‘बांग्लादेश जाकर वहीं की प्रधानमंत्री बन जाएं’ — गिरिराज सिंह का ममता बनर्जी पर तीखा हमला
पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोलते हुए रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर ममता बनर्जी को बांग्लादेश में ज्यादा पसंद किया जाता है, तो वहीं जाकर राजनीति करें।
🟡 1. सौगत रॉय के बयान से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद तब बढ़ा जब TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल से ज्यादा बांग्लादेश में पसंद किया जाता है। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने तीखे शब्दों में पलटवार किया।
🟡 2. ‘बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे’
बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी बांग्लादेशी घुसपैठियों को साथ लेकर बांग्लादेश चली जाएं और वहीं की प्रधानमंत्री बन जाएं। उन्होंने कहा कि बंगाल को बांग्लादेश बनने नहीं दिया जाएगा।
🟡 3. रोहिंग्या और घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए “रेड कार्पेट” बिछाती हैं। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल सरकार की नीतियों के कारण बंगाल में हालात बिगड़े हैं।
🟡 4. ‘हिंदुओं की हत्या करवाने’ का गंभीर आरोप
केंद्रीय मंत्री ने ममता बनर्जी पर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से यह कहते आ रहे हैं कि बंगाल में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है।
🟡 5. दिग्विजय सिंह पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा BJP-RSS की संगठनात्मक क्षमता की प्रशंसा पर गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्हें किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। उन्होंने कांग्रेस को परिवारवाद की पार्टी बताते हुए तीखी टिप्पणी की।
🟡 6. BJP बनाम कांग्रेस: कार्यकर्ता बनाम परिवारवाद
गिरिराज सिंह ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं और राष्ट्रभक्तों की पार्टी है, जबकि कांग्रेस एक परिवार विशेष के इर्द-गिर्द घूमती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी नेहरू-इंदिरा परिवार की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाई है।
🟡 7. शस्त्र रखने की अपील पर क्या बोले गिरिराज सिंह
घर में शस्त्र रखने की अपील से जुड़े सवाल पर गिरिराज सिंह ने कहा कि सनातन परंपरा में शास्त्र और शस्त्र दोनों का महत्व है। उन्होंने इसे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ते हुए बयान दिया।
गिरिराज सिंह के बयान ऐसे समय पर आए हैं जब पश्चिम बंगाल में घुसपैठ, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक हिंसा को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी लगातार तेज होती जा रही है। उनके तीखे शब्द आने वाले चुनावी माहौल में राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकते हैं।