#एजुकेशन #पॉलिटिक्स

राजस्थान की सरकारी शिक्षा पर गहलोत का सवाल, बढ़ते ड्रॉपआउट पर सरकार को घेरा

राजस्थान में सरकारी स्कूलों से छात्रों के लगातार कम होते नामांकन और बढ़ते ड्रॉपआउट को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों से बड़ी संख्या में छात्रों का बाहर होना शिक्षा तंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है और इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

‘दो साल में लाखों बच्चों का स्कूल छोड़ना चिंता का विषय’

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान सरकारी स्कूलों से बड़ी संख्या में छात्रों का ड्रॉपआउट होना शिक्षा व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती है। उन्होंने दावा किया कि पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब निजी स्कूलों में नामांकन सरकारी स्कूलों से अधिक हो गया है। गहलोत के अनुसार यह बदलाव सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर लोगों के घटते भरोसे का संकेत माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में ऐसी स्थिति भविष्य के लिए चिंताजनक है और सरकार को इसके कारणों का गंभीरता से विश्लेषण करना चाहिए।

‘शिक्षकों की संख्या बढ़ी, फिर भी घटे विद्यार्थी’

गहलोत ने कहा कि इस अवधि में शिक्षकों की संख्या में वृद्धि होने के बावजूद सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होना कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि केवल शिक्षकों की नियुक्ति पर्याप्त नहीं होती, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रबंधन और स्कूलों में अनुकूल वातावरण भी जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी योजना और निगरानी के अभाव में सरकारी विद्यालयों का आकर्षण कम हुआ है, जिसका असर नामांकन और छात्र संख्या पर साफ दिखाई दे रहा है।

सरकारी शिक्षा मॉडल पर भी उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं, भवनों के रखरखाव और शैक्षणिक माहौल को मजबूत करने पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उनके अनुसार शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य करवाने, अधोसंरचना संबंधी समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की धीमी गति का असर सीधे विद्यार्थियों पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना होना चाहिए, ताकि अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर भरोसा मजबूत बना रहे।

सरकार से जवाब और सुधार की मांग

गहलोत ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में गिरावट के कारणों पर स्पष्ट जवाब देने और सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला होती है और यदि सरकारी विद्यालयों में लगातार छात्र संख्या घटती रही तो इसका असर आने वाले वर्षों में व्यापक रूप से दिखाई देगा। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार, बेहतर संसाधन और प्रभावी प्रबंधन को समय की आवश्यकता बताया।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *