जोधपुर में ‘गैंगस्टर ब्रांड’ का खेल! लॉरेंस बिश्नोई के नाम से जैकेट बेचने पर दो गिरफ्तार
जोधपुर में पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रहे एक खतरनाक ट्रेंड पर बड़ी कार्रवाई की है। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर युवाओं को लुभाने की कोशिश करने वाले दो लोगों को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। दुकान से 6 ऐसी जैकेटें भी बरामद की गई हैं जिन पर गैंगस्टर का लोगो लगा था। यह पूरा मामला सिर्फ अवैध ब्रांडिंग का ही नहीं बल्कि अपराधियों की बढ़ती ‘सोशल छवि’ पर सवाल भी खड़ा करता है।
जोधपुर पुलिस को मंगलवार देर रात सोशल मीडिया के जरिए एक रील की सूचना मिली, जिसमें बोरानाडा क्षेत्र की एक दुकान से लॉरेंस बिश्नोई के नाम व लोगो वाली जैकेटें बेचने का प्रचार किया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और दुकान की पहचान की।
दुकान पर छापा: पुलिस को मिले 6 ‘लॉरेंस ब्रांडेड’ जैकेट
थानाधिकारी शकील अहमद की टीम ने उसी रात बोरानाडा गांव स्थित दुकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान दुकान में से 6 जैकेट बरामद किए गए जिन पर लॉरेंस बिश्नोई का नाम व निशान लगा था। सभी जैकेट जब्त कर लिए गए हैं।
दो गिरफ्तार: शांति भंग में कार्रवाई
जांच में सामने आया कि दुकान मालिक नवीन और उसका साथी इन जैकेटों को बेचकर सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने दोनों को शांति भंग की धारा में गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अपराधियों की ब्रांडिंग या प्रचार से जुड़े प्रयासों को पुलिस बेहद गंभीरता से ले रही है।
पुलिस का बयान: “गैंगस्टर इमेज को बढ़ावा देना कानूनन अपराध”
थानाधिकारी शकील अहमद के अनुसार, किसी कुख्यात अपराधी के नाम का प्रचार, उससे जुड़ा सामान बेचना या उसकी छवि को बढ़ावा देने का कोई भी प्रयास कानून व्यवस्था को प्रभावित करता है। इसलिए इस प्रकार की गतिविधियों पर तुरंत एक्शन लिया जा रहा है।
बड़ा सवाल: क्यों बढ़ रहा है ‘गैंगस्टर ब्रांडिंग’ का ट्रेंड?
हाल के दिनों में अपराधियों को ‘स्टाइल आइकन’ की तरह पेश करने की सोशल मीडिया प्रवृत्ति ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में गलत ‘हीरो वर्शिप’ को रोकना जरूरी है, ताकि समाज में अपराधियों की छवि को ग्लैमराइज न किया जाए।
पुलिस की तत्परता से टला बड़ा विवाद
समय रहते पुलिस की कार्रवाई ने न सिर्फ इस अवैध प्रचार को रोका बल्कि सोशल मीडिया के जरिए फैल रहे गलत संदेश को भी थाम दिया। पुलिस अब इस मामले में आगे जांच कर रही है कि जैकेट कहां से तैयार करवाए गए और क्या ऐसी और बिक्री भी हो रही थी।