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नेशनल हेराल्ड मामले में ताज़ा FIR — EOW ने Sonia-Rahul गांधी समेत कई नामों को शामिल किया…

नई FIR दर्ज — क्या हुआ?

Economic Offences Wing (EOW) – दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा — ने 3 अक्टूबर, 2025 को एक नई FIR दर्ज की है। इसे दर्ज कराने की वजह Enforcement Directorate (ED) की शिकायत बताई जा रही है। फाइल की गई FIR में Associated Journals Ltd. (AJL), Young Indian और Dotex Merchandise Pvt Ltd जैसी कंपनियों के साथ-साथ कई लोग आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से Sonia Gandhi और Rahul Gandhi का नाम है।

आरोप — क्या कहा गया है FIR में?

FIR में आरोप है कि कांग्रेस से जुड़ी AJL कंपनी को “धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश” के तहत अवैध तरीके से अपने नियंत्रण में लिया गया। कथित रूप से, AJL की लगभग ₹2,000 करोड़ की संपत्ति को सिर्फ ₹90 करोड़ के लोन और उसके बाद शेयर ट्रांसफर के जरिए Young Indian की ओर हड़प लिया गया। Young Indian में गांधी परिवार की करीब 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई जाती है। साथ ही, Dotex जैसी कथित ‘शेल कंपनी’ के माध्यम से फंड रूटिंग की गई — FIR में यह कार्रवाई एक संगठित एवं रची गई साजिश बताई गई है

इस घटना की पृष्ठभूमि — पहले क्या हुआ था?

यह पहला मौका नहीं है जब AJL / नेशनल हेराल्ड से जुड़ा विवाद surfaced हुआ हो। अप्रैल 2025 में, ED ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें Sonia और Rahul गांधी समेत अन्य नेताओं और कंपनियों का नाम था। उस चार्जशीट में भी आरोप थे कि AJL की संपत्तियों को Young Indian के माध्यम से अवैध रूप से अपने कब्जे में लिया गया। तब अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने का आदेश 25 अप्रैल 2025 तक के लिए स्थगित किया था

FIR दर्ज करने का मतलब — आगे क्या हो सकता है?

FIR दर्ज होने के साथ, अब मामला सिर्फ चार्जशीट तक सीमित नहीं है — कानूनी जाँच और गिरफ्तारी, समन, पूछताछ आदि प्रक्रिया तेज हो सकती है।

इस FIR में कई व्यक्ति और कंपनियाँ आरोपी हैं — अभियोजन एजेंसाओं को सिर्फ गांधी परिवार तक सीमित न रहकर AJL, Young Indian, Dotex और जुड़े अन्य हितधारकों तक केस का दायरा बढ़ाने का आधार मिलेगा।

यदि अदालत FIR और चार्जशीट दोनों पर संज्ञान लेती है, तो यह मामला लंबी सुनवाई एवं जटिल कानूनी लड़ाई में बदल सकता है।

क्यों बनी है यह FIR अभी — किसने शिकायत की?

ED (HIU – Headquarters Investigation Unit) ने अपने विस्तृत इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट के आधार पर EOW से FIR दर्ज करने का अनुरोध किया था। PMLA (Money Laundering) की धारा 66(2) का इस्तेमाल कर यह शिकायत दर्ज की गई — जो कि ED को अन्य जांच एजेंसाओं से अपराध दर्ज करने की सुविधा देता है। FIR 3 अक्टूबर को दर्ज की गई थी, लेकिन मीडिया और सार्वजनिक जानकारी आज 30 नवंबर 2025 को मिली।

नेशनल हेराल्ड मामला अब फिर एक नई मोड़ पर — चार्जशीट के बाद FIR दर्ज होने से यह विवाद कानूनी, राजनीतिक और पब्लिक डिबेट का विषय बन गया है। FIR में लगाए गए गंभीर आरोप — धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, संपत्ति हड़पने जैसे — इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आगे की सुनवाई, पूछताछ और सबूतों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। अगली अदालत की कार्रवाई, समन, गवाह-बयान और दस्तावेजों की समीक्षा से इस केस की दिशा तय होगी।

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