जयपुर में जर्जर हवेलियों का खौफ, मलबा गिरने से 2 मौतें—परकोटे में दहशत
राजस्थान की राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में जर्जर हवेलियां अब जानलेवा साबित हो रही हैं। सुभाष चौक थाना इलाके में एक जर्जर भवन का छज्जा गिरने से महिला शाकिरा की मौत हो गई। बीते 8 दिनों में मलबा गिरने से दो लोगों की जान जा चुकी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है और लोगों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जर्जर हवेली का छज्जा गिरा, महिला की मौके पर मौत
सुभाष चौक क्षेत्र में उस समय दर्दनाक हादसा हुआ जब शाकिरा नाम की महिला जर्जर हवेली के नीचे से गुजर रही थी। अचानक भवन का गुमटी वाला छज्जा टूटकर उसके ऊपर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इसी हवेली में मकान मालिक और एक किरायेदार छज्जे को हथौड़े से तोड़ने का प्रयास कर रहे थे, जिससे संरचना और कमजोर हो गई। हादसे ने एक बार फिर जर्जर भवनों की खतरनाक स्थिति को उजागर कर दिया है।
8 दिन में दूसरी मौत, पहले भी गिर चुका था मलबा
स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी हवेली में कुछ दिन पहले छत का प्लास्टर गिरने से एक बच्चे की भी मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने परकोटे के जर्जर भवनों की स्थिति को भयावह बना दिया है। आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद मरम्मत या ध्वस्तीकरण की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे लोगों में आक्रोश और डर दोनों बढ़ रहा है।
मौत के साए में रह रहे किरायेदार, मजबूरी बनी जिंदगी
परकोटे क्षेत्र की कई हवेलियां बेहद जर्जर हालत में हैं, लेकिन इनमें आज भी सैकड़ों किरायेदार रह रहे हैं। कम किराए के कारण बिहार और बंगाल से आए मजदूर परिवार यहां रहने को मजबूर हैं। 1800 रुपये किराए में एक कमरे में 3-4 लोग रहकर जिंदगी गुजार रहे हैं। बरसात में छत टपकना और दीवारों से मलबा गिरना आम बात हो गई है, जिससे रोजाना खतरा बना रहता है।
मकान मालिकों की लापरवाही और प्रशासन की चुप्पी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद मकान मालिक गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। घटना के बाद मकान मालिक समीर फरार बताया जा रहा है। पड़ोसियों का कहना है कि चेतावनी के बावजूद कोई मरम्मत नहीं की गई, जिससे यह हादसा हुआ। लोगों ने मांग की है कि जर्जर भवनों पर तत्काल कार्रवाई कर उन्हें गिराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
परकोटे में सैकड़ों जर्जर हवेलियां बनी खतरा
जयपुर के परकोटा क्षेत्र में अभी भी सैकड़ों पुरानी हवेलियां खतरनाक हालत में खड़ी हैं। ये भवन कभी भी गिर सकते हैं और बड़ी जनहानि का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इन जर्जर इमारतों का सर्वे कर उन्हें तुरंत ध्वस्त किया जाए। फिलहाल पूरा इलाका डर और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।