राजस्थान के बारां में चलती बस से बाप-बेटी का अपहरण, पुलिस ने जंगल से सकुशल छुड़ाया
राजस्थान के बारां जिले में जमीन विवाद के चलते एक सनसनीखेज अपहरण की घटना सामने आई है। आरोप है कि बदमाशों ने चलती बस को बीच रास्ते रुकवाकर उसमें सवार पिता और बेटी का अपहरण कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी। दबाव बढ़ता देख आरोपी कथित तौर पर दोनों को जंगल में छोड़कर वाहन सहित फरार होने की कोशिश में कार छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने दोनों को सुरक्षित बरामद कर मामला दर्ज कर लिया है।
चलती बस रुकवाकर पिता-पुत्री को जबरन उतारा
पुलिस के अनुसार, मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी महेश ओझा अपनी बेटी के साथ केलवाड़ा से बस में सवार होकर घर लौट रहे थे। रात करीब आठ बजे समरानियां से आगे बालाचार क्षेत्र के पास दो वाहनों में आए कुछ लोगों ने बस को रुकवा लिया। आरोप है कि बदमाश बस में चढ़े और महेश ओझा व उनकी बेटी को जबरन नीचे उतारकर स्कॉर्पियो वाहन में बैठाकर जंगल की ओर ले गए। घटना से बस में मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
नाकाबंदी के बाद आरोपी जंगल में छोड़कर भागे
अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर केलवाड़ा और शाहाबाद थाना पुलिस ने पूरे क्षेत्र में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी कथित तौर पर अपहृत पिता-पुत्री और स्कॉर्पियो वाहन को जंगल के पास छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। पुलिस ने मौके से वाहन जब्त कर दोनों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।
जमीन विवाद को माना जा रहा वारदात की वजह
प्रारंभिक जांच में पुलिस इस घटना के पीछे पुराने जमीन विवाद को प्रमुख कारण मान रही है। पीड़ित महेश ओझा की शिकायत के आधार पर केलवाड़ा थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी लखन उर्फ रामकल्याण समेत तीन-चार अन्य लोगों के खिलाफ अपहरण सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान जमीन विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी
पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।