फर्जी बलात्कार केस में फंसाकर वसूली: गोरखपुर से महिला गिरफ्तार, गिरोह का सरगना पहले से जेल में
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से ब्लैकमेलिंग के एक संगठित गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को फर्जी दुष्कर्म के मामलों में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलती थी। यह महिला गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित चल रही थी। गिरोह का मुख्य सरगना पहले से ही जेल में बंद है, जबकि बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
पीपीगंज पुलिस ने की गिरफ्तारी
पीपीगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हेमवंती पटेल नाम की महिला को हिरासत में लिया है। वह देवरिया जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित भुजौली कॉलोनी की रहने वाली बताई जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी महिला के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं।
फर्जी केस और दस्तावेज बनाकर करता था गिरोह उगाही
पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि यह गिरोह झूठे दुष्कर्म के आरोप लगाकर लोगों को डराता और फिर उनसे पैसे की वसूली करता था। गिरोह के सदस्य फर्जी दस्तावेज भी तैयार करते थे ताकि पीड़ितों पर कानूनी दबाव बनाया जा सके।
जेल में बंद है गिरोह का सरगना
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का सरगना विकास कुमार सिन्हा है, जो फिलहाल जेल में बंद है। उसी के निर्देश पर चार से पांच महिलाओं का यह गिरोह सक्रिय था। यह लोग रंगदारी, ब्लैकमेलिंग और फर्जी मुकदमों के जरिए आर्थिक लाभ कमाते थे।
गिरफ्तार महिला गैंगस्टर एक्ट में वांछित थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह के कुछ सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने का दावा पुलिस कर रही है।