एपस्टीन फाइल्स पर ऐतिहासिक कार्रवाई: ब्रिटिश राजघराने से जुड़ा बड़ा नाम हिरासत में क्या है पूरा मामला?
एपस्टीन फाइल्स से जुड़े आरोपों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन की स्पेशल पुलिस ने पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। यह कार्रवाई उन आरोपों की जांच के तहत बताई जा रही है जिनमें जेफ्री एपस्टीन को गोपनीय सरकारी दस्तावेज सौंपने की आशंका जताई गई है।
गिरफ्तारी की कार्रवाई कैसे हुई?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस की एक विशेष टीम पूर्वी इंग्लैंड के सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म पहुंची और वहां से एंड्रयू को हिरासत में लिया गया। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई।
पुलिस का आधिकारिक पक्ष
Thames Valley Police ने बयान जारी कर बताया कि नॉरफॉक में रहने वाले 66 वर्षीय व्यक्ति को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में हिरासत में लिया गया है। जांच के तहत बर्कशायर और नॉरफॉक में कुछ स्थानों पर तलाशी भी ली गई है। जांच जारी होने के कारण व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं की गई है और मीडिया से अदालत की अवमानना से बचने की अपील की गई है।
कौन हैं प्रिंस एंड्रयू?
Prince Andrew, ब्रिटेन के राजा King Charles III के छोटे भाई हैं और स्वर्गीय Queen Elizabeth II व Prince Philip के पुत्र हैं। वह लंबे समय तक रॉयल नेवी में सेवा दे चुके हैं और 1982 के फाल्कलैंड युद्ध में हेलिकॉप्टर पायलट रहे। बाद में उन्होंने राजनयिक भूमिकाएं भी निभाईं।
एपस्टीन कनेक्शन और आरोप
यौन अपराधी Jeffrey Epstein के साथ कथित संबंधों को लेकर एंड्रयू पहले से विवादों में रहे हैं। अमेरिका में दायर सिविल केस में Virginia Giuffre ने दावा किया था कि नाबालिग रहते हुए उसके साथ यौन शोषण हुआ। एंड्रयू ने इन आरोपों से इनकार किया, हालांकि 2022 में मामले का कोर्ट से बाहर समझौता होने की पुष्टि हुई थी।
ड्यूक ऑफ यॉर्क की उपाधि छोड़ने का फैसला
लगातार विवादों के बीच एंड्रयू ने अक्टूबर 2025 में ड्यूक ऑफ यॉर्क की उपाधि छोड़ने की घोषणा की थी। यह ब्रिटिश राजशाही की प्रतिष्ठित उपाधियों में से एक मानी जाती है।
आगे क्या?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति ने एपस्टीन तक संवेदनशील दस्तावेज पहुंचाए थे। मामले में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी समन्वय की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और स्पष्ट होगी।
नोट (वेबसाइट प्रकाशन के लिए):
यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया इनपुट्स और पुलिस के आधिकारिक बयान पर आधारित है। जांच जारी होने के कारण आरोप सिद्ध नहीं माने जाएंगे। पाठकों से अनुरोध है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी न ठहराएं।