एल मेंचो ढेर: मेक्सिको के सबसे खतरनाक ड्रग कार्टेल में सत्ता संघर्ष शुरू…
सैन्य ऑपरेशन में मारा गया CJNG का सरगना
मेक्सिको में रविवार को सुरक्षा बलों ने जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) के कुख्यात सरगना नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस को एक विशेष सैन्य अभियान में मार गिराया। वह अपराध जगत में “एल मेंचो” के नाम से जाना जाता था। उस पर अमेरिका की ओर से 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित था। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई पूरी तरह मैक्सिकन सेना द्वारा अंजाम दी गई।
कार्टेल की बौखलाहट: कई राज्यों में हिंसा
सरगना के मारे जाने की खबर फैलते ही कार्टेल से जुड़े सैकड़ों हथियारबंद लोग सड़कों पर उतर आए। अलग-अलग राज्यों में आगजनी, बैरिकेडिंग और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, कार्टेल के पास ऑटोमैटिक हथियार, बख्तरबंद वाहन और भारी मारक क्षमता वाले हथियारों का जखीरा मौजूद है, जिससे हालात कुछ घंटों तक तनावपूर्ण बने रहे।
एल मेंचो की मौत के बाद जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल के नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, जूलियो अल्बर्टो कैस्टिलो रोड्रिगेज को संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। अपराध जगत में वह “एल चोरो” के नाम से पहचाना जाता है और संगठन के भीतर उसकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
एल चोरो का जन्म 11 अक्टूबर 1976 को मेक्सिको के अपात्सिंगान में हुआ था। वह CJNG के वरिष्ठ सदस्यों में गिना जाता है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मंज़ानिलो पोर्ट पर उसकी खास पकड़ मानी जाती है, जहां से सिंथेटिक ड्रग्स के लिए जरूरी प्रीकर्सर केमिकल्स की आवाजाही होती है और नशीले पदार्थों की तस्करी अमेरिका की ओर की जाती है। अमेरिकी एजेंसियों ने उस पर प्रतिबंध लगाए हैं और उसे फरार घोषित किया हुआ है।
ऑपरेशन में अमेरिका का खुफिया सहयोग
ड्रग सरगना के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिकी एजेंसियों की खुफिया जानकारी भी मैक्सिकन सेना के काम आई। एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी के हवाले से बताया गया कि संयुक्त अंतर-एजेंसी समन्वय के तहत सूचनाएं साझा की गईं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन मैक्सिकन सेना का था और सफलता का श्रेय भी उन्हीं को जाता है