चित्तौड़गढ़ भाजपा में बढ़ा असंतोष, मंडल कार्यकारिणी को लेकर कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा
मंडल कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
चित्तौड़गढ़ में भाजपा संगठन की नई मंडल कार्यकारिणियों के गठन के बाद पार्टी के अंदर नाराजगी सामने आई है। कई पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं ने संगठन में अनदेखी का आरोप लगाते हुए जिला भाजपा कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से पार्टी के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया है। वहीं, विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे लोगों को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने का आरोप लगाया गया है। इस मामले ने जिले की भाजपा राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
पूर्व मंडल अध्यक्ष ने लगाए उपेक्षा के गंभीर आरोप
घोसुंडा मंडल के पूर्व अध्यक्ष राजमल सुखवाल ने कहा कि पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान और उचित स्थान नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के समय भाजपा से अलग होकर निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन करने वाले कई लोगों को अब संगठन में प्राथमिकता दी जा रही है। सुखवाल का कहना है कि जिन्होंने लंबे समय तक पार्टी को मजबूत करने का काम किया, उनकी अनदेखी कार्यकर्ताओं में नाराजगी पैदा कर रही है। उन्होंने संगठन से निष्पक्ष समीक्षा कर पुराने कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।
धरने में कई भाजपा कार्यकर्ता हुए शामिल
जिला भाजपा कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन में कई कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष किशन शर्मा, मनोज कुमार ईनानी, ज्योति गुर्जर, गोविंद सिंह और रमेश गुर्जर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में वर्षों से सक्रिय लोगों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। उनका कहना है कि मंडल स्तर की जिम्मेदारियों में पारदर्शिता और पुराने कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर संगठन के वरिष्ठ नेताओं तक आवाज पहुंचाने का प्रयास किया।
विधानसभा चुनाव की राजनीति का असर संगठन पर दिखा
भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी के पीछे विधानसभा चुनाव के दौरान बने राजनीतिक समीकरणों को भी अहम कारण माना जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव में पार्टी लाइन से अलग जाने वाले कुछ लोगों को अब संगठन में जगह दी गई है। इससे लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सम्मान देना जरूरी है। इस पूरे विवाद के बाद अब भाजपा नेतृत्व के सामने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
भाजपा ने बातचीत से समाधान निकालने की बात कही
भाजपा जिला महामंत्री रघु शर्मा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी एक परिवार की तरह काम करती है और संगठन में कभी-कभी इस तरह की नाराजगी सामने आती रहती है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी जिलाध्यक्ष को दे दी गई है। जल्द ही नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना जाएगा और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि संगठन सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है और किसी भी कार्यकर्ता की उपेक्षा नहीं होने दी जाएगी।
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