भिवाड़ी में कचरा ट्रांसफर स्टेशन को लेकर विवाद, महिलाओं का प्रदर्शन; नगर परिषद और बस्तीवासियों में टकराव
खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी के रामपुर मूंडाना क्षेत्र में प्रस्तावित कचरा ट्रांसफर स्टेशन को लेकर स्थानीय लोगों और नगर परिषद के बीच विवाद गहरा गया। कचरा डालने पहुंचे परिषद के वाहन का महिलाओं ने विरोध किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर हालात को शांत कराया। फिलहाल कचरा प्रबंधन को लेकर विवाद जारी है।
कचरा वाहन पहुंचते ही महिलाओं ने किया विरोध प्रदर्शन
रामपुर मूंडाना इलाके में नगर परिषद का ऑटो टिपर जैसे ही कचरा लेकर प्रस्तावित ट्रांसफर स्टेशन पहुंचा, बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और पुरुष मौके पर एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने वाहन के सामने खड़े होकर कचरा डालने का विरोध किया और इसे बस्ती के लिए गंभीर समस्या बताया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस के अनुसार, विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
मारपीट और वाहन क्षतिग्रस्त करने के आरोप
नगर परिषद के अधिकारियों का आरोप है कि विरोध के दौरान कुछ लोगों ने परिषद के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। सफाई निरीक्षक दिनेश कुमार के अनुसार, कुछ महिलाओं ने वाहन के हेल्पर के साथ मारपीट की तथा परिषद के वाहनों को लाठी-डंडों से नुकसान पहुंचाया। अधिकारियों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराकर स्थिति सामान्य कराई। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
बस्तीवासियों ने बदबू और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां गिनाईं
स्थानीय निवासी रेशमा ने बताया कि प्रस्तावित ट्रांसफर स्टेशन के आसपास लगभग 200 परिवार निवास करते हैं। उनका कहना है कि पिछले दो दिनों से कचरा लाए जाने के कारण क्षेत्र में तेज बदबू फैल रही है, जिससे लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा मक्खी-मच्छरों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की कि आबादी के पास कचरा ट्रांसफर स्टेशन संचालित नहीं किया जाए।
नियमों का हवाला देकर जताया विरोध
बस्ती के लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र लाल डोरे के अंतर्गत आता है और यहां अधिकांश परिवारों के पास वैध पट्टे हैं। स्थानीय निवासी जंगीर सिंह ने दावा किया कि नियमानुसार आबादी के निर्धारित दायरे के भीतर कचरा डंपिंग नहीं की जानी चाहिए। वहीं अमरो बाई सहित अन्य लोगों ने स्पष्ट कहा कि बस्ती के पास किसी भी स्थिति में कचरा ट्रांसफर स्टेशन स्वीकार नहीं किया जाएगा और यदि आवश्यकता हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
नगर परिषद ने ट्रांसफर स्टेशन का पक्ष रखा
नगर परिषद के सफाई निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि परिषद की लगभग 10 से 12 बीघा भूमि पर ट्रांसफर स्टेशन विकसित किया जा रहा है। उनके अनुसार यहां कचरा स्थायी रूप से जमा नहीं किया जाता, बल्कि ऑटो टिपर से लाकर तुरंत बड़े डंपरों में भरकर खरकड़ी स्थित मुख्य डंपिंग यार्ड भेज दिया जाता है। परिषद का कहना है कि यह केवल अस्थायी ट्रांसफर पॉइंट है और कचरे का लंबे समय तक भंडारण नहीं किया जाता।
पुलिस ने कराया समझौता, विवाद अभी बरकरार
घटना की सूचना मिलते ही भिवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर हालात को नियंत्रित किया। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन ट्रांसफर स्टेशन को लेकर स्थानीय लोगों और नगर परिषद के बीच मतभेद खत्म नहीं हुए हैं। बस्तीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि आबादी के समीप कचरा लाने की प्रक्रिया जारी रही तो वे आगे भी विरोध प्रदर्शन करेंगे।