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भिवाड़ी बाईपास पर बिल्डर और ग्रामीणों में रास्ते को लेकर विवाद, तीन घंटे तक चला हंगामा

खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी बाईपास स्थित एक बिल्डर की सोसाइटी में शुक्रवार को रास्ते को लेकर बड़ा विवाद हो गया। बिल्डर प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी बुलाने पड़े। करीब तीन घंटे तक चले इस विवाद के बाद दोनों पक्षों को बातचीत के लिए राजी कर स्थिति को शांत कराया गया।

रास्ते के अधिकार को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, सैदपुर निवासी दुर्गेश कुमार और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन से सटे रास्ते को लेकर पहले पुराने बिल्डर के साथ 20 फीट चौड़े रास्ते का लिखित समझौता हुआ था। यह समझौता एसडीएम की मौजूदगी में हुआ था, जिसमें स्पष्ट रूप से ग्रामीणों को निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित नॉर्म्स के अनुसार रास्ता उपलब्ध कराने की बात तय की गई थी।

नए बिल्डर पर समझौता न मानने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब यह जमीन नए बिल्डर आशादीप ने खरीद ली है और वह पुराने समझौते को मानने से इनकार कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिल्डर द्वारा बिना किसी वैध आदेश के पुलिस को बुलाकर रास्ता बंद करने की कोशिश की गई, जिससे विवाद और बढ़ गया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से लिखित आदेश की मांग की, लेकिन मौके पर कोई आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

प्रशासन और तहसीलदार की भूमिका

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बीड़ा तहसीलदार सुरेंद्र सिंह को भी मौके पर बुलाया गया। हालांकि तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि उनके पास किसी भी प्रकार का लिखित आदेश नहीं है और उन्हें केवल भूमि की पहचान के लिए बुलाया गया था। इस बयान के बाद मामला और संवेदनशील हो गया, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच बहस और तनाव बढ़ गया।

तीन घंटे तक चला तनावपूर्ण माहौल

विवाद के दौरान बिल्डर प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। लगभग तीन घंटे की गहमागहमी के बाद अंततः सभी पक्ष बातचीत के लिए तैयार हुए।

बातचीत के बाद मामला शांत

पुलिस और प्रशासन की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर मामले के समाधान की दिशा में सहमति बनाई गई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी दस्तावेजों और पुराने समझौतों की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद मौके पर स्थिति सामान्य हो गई।

विकास और ग्रामीण अधिकारों के बीच टकराव

यह मामला एक बार फिर भिवाड़ी क्षेत्र में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों और स्थानीय ग्रामीणों के अधिकारों के बीच टकराव को उजागर करता है। प्रशासन का कहना है कि सभी कानूनी दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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