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बच्चे की गवाही से खुला राज: दौसा गैंगरेप-मर्डर केस में दो दोषियों को फांसी

ऐतिहासिक फैसला: दौसा में पहली बार सुनाई गई मृत्युदंड की सजा

राजस्थान के दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा क्षेत्र में हुए गैंगरेप और हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। लालसोट स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। न्यायालय ने इस अपराध को समाज को झकझोर देने वाला बताते हुए इसे ‘दुर्लभतम से दुर्लभ’ श्रेणी में रखा।

अदालत का फैसला: दोनों आरोपियों को मृत्युदंड

अदालत ने आरोपी संजू मीणा और कालू मीणा को दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। न्यायालय के अनुसार अपराध की प्रकृति अत्यंत क्रूर, अमानवीय और समाज पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालने वाली थी। अदालत ने माना कि ऐसे अपराधों के प्रति कठोर संदेश देना जरूरी है।

वारदात की पूरी कहानी: लिफ्ट के बहाने अपहरण, फिर हत्या

अभियोजन के अनुसार पीड़िता जयपुर से अपने पीहर जा रही थी। रास्ते में कार सवार आरोपियों ने लिफ्ट देने का झांसा देकर उसे बैठाया। इसके बाद महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। अपराध छिपाने के लिए शव को कुएं में फेंक दिया गया। घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था।

बच्चे की गवाही बनी अहम कड़ी: “कार में कातिलों को देखा था”

इस सनसनीखेज मामले में एक नाबालिग बच्चे की गवाही निर्णायक साबित हुई। बच्चे को भी आरोपियों ने रास्ते में लिफ्ट दी थी, लेकिन उसे उसके गांव में उतार दिया गया था। बाद में जब पीड़िता की गुमशुदगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, तब बच्चे ने पूरी घटना की जानकारी दी। इसी बयान से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में बड़ी मदद मिली।

CCTV और वैज्ञानिक साक्ष्य: जांच में जुड़े अहम सबूत

पुलिस जांच के दौरान महिला को कार में बैठाते हुए CCTV फुटेज सामने आया। इसके साथ ही अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने सभी कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।

SIT जांच: विशेष टीम ने सुलझाया मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। टीम ने घटनास्थल, तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मृत्युदंड की मांग की।

पुलिस का बयान: अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा

दौसा जिले के पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने कहा कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की गई, जिसका परिणाम अदालत के फैसले के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह के अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और कानून अपना काम करेगा।

जनता की प्रतिक्रिया: फैसले को बताया न्याय की जीत

फैसले के बाद पीड़िता के परिजनों और आम लोगों ने अदालत के निर्णय को न्याय की दिशा में मजबूत कदम बताया। लोगों का कहना है कि इस फैसले से समाज में अपराध के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा और पीड़ितों को न्याय मिलने का भरोसा मजबूत होगा।

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