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अलवर में गोवंश अवशेष विवाद गरमाया, हिंदू संगठनों का प्रदर्शन

राजस्थान के Alwar में गोवंश अवशेष मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। Vishva Hindu Parishad और Bajrang Dal समेत कई संगठनों ने मिनी सचिवालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

मिनी सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन

मामले को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मिनी सचिवालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने गेट पर प्रवेश को लेकर काफी देर तक हंगामा किया, जिसके बाद वे अंदर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान धार्मिक आस्था का प्रदर्शन करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। पूरे परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसे देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।

जांच रिपोर्ट से बढ़ा असंतोष

विवाद उस समय और बढ़ गया जब पशु चिकित्सालय की टीम की रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में कहा गया कि बछड़े का सिर किसी धारदार हथियार से नहीं काटा गया। इस निष्कर्ष से संगठनों में असंतोष फैल गया और उन्होंने रिपोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

ज्ञापन को लेकर प्रशासन से टकराव

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता प्रशासन को ज्ञापन सौंपने पहुंचे, लेकिन काफी देर तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में तहसीलदार रश्मि शर्मा पहुंचीं, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे केवल एडीएम या जिला कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपेंगे। अंततः Yogesh Dagur के मौके पर पहुंचने के बाद ज्ञापन सौंपा गया और स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। भारी पुलिस बल तैनात, प्रशासन सतर्क

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। Angad Sharma सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

Prem Singh Rajawat ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो अलवर बंद का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जयपुर तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को लेकर पीछे नहीं हटेंगे और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

पहले भी हो चुका है विरोध प्रदर्शन

गौरतलब है कि 9 अप्रैल को Agrasen Circle के पास बछड़े का सिर मिलने के बाद भी संगठनों ने सड़क जाम कर विरोध किया था। उस समय भी पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से असंतोष जताया गया था। अब एक बार फिर आंदोलन तेज होने से यह मामला क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

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