छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस की रणनीति बैठक, राहुल गांधी ने शाम 6 बजे सभी सांसदों को बुलाया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के बीच राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद के दोनों सदनों के पार्टी सांसदों की अहम बैठक अपने आवास पर बुलाई है। बैठक से पहले उनके आवास पर एक लग्जरी बस पहुंचने से राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि बैठक में छात्र आंदोलन, पेपर लीक विवाद और संसद के भीतर विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
राहुल गांधी के आवास पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
दिल्ली में जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर एक लग्जरी बस पहुंचने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। इसके साथ ही राहुल गांधी ने संसद के दोनों सदनों के सभी कांग्रेस सांसदों को शाम 6 बजे अपने आवास पर बैठक के लिए बुलाया है। चूंकि संसद का मानसून सत्र जारी है, इसलिए इस बैठक को विपक्ष की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में छात्र आंदोलन और संसद की रणनीति पर फोकस संभव
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संभावना है कि इसमें छात्र आंदोलन, कथित पेपर लीक विवाद, शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और संसद के भीतर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस हाल के दिनों में इन मुद्दों को लगातार उठा रही है और विपक्षी दलों के साथ समन्वय की संभावनाओं पर भी विचार कर सकती है।
छात्र मुद्दों पर कांग्रेस लगातार हमलावर
पिछले कुछ दिनों में कांग्रेस ने छात्र हितों और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाया है। पार्टी नेतृत्व ने शिक्षा से जुड़े मामलों में सरकार से जवाबदेही की मांग की है। इसी क्रम में राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने हाल ही में विरोध प्रदर्शन भी किया था। कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों की चिंताओं का समाधान समय पर नहीं किया गया, जबकि सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, राजनीतिक नजरें दिल्ली पर
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। दूसरी ओर, संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष इन मुद्दों को लगातार उठाने की तैयारी में है। ऐसे में कांग्रेस की यह बैठक आगामी राजनीतिक रणनीति तय करने और संसद के भीतर विपक्ष के रुख को अंतिम रूप देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
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