कड़ाके की ठंड में पानी की बौछार, लाठीचार्ज और FIR: इमरान खान की बहनों पर मुनीर की फौज का कहर
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई अब उनके परिवार तक पहुंच चुकी है। अदालत के आदेश के बावजूद इमरान खान से मिलने की इजाजत मांग रही उनकी बहनों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने आधी रात को पानी की बौछार, लाठीचार्ज और मुकदमे थोप दिए। इस कार्रवाई ने एक बार फिर पाकिस्तान में सेना और सरकार की कठोर नीति को उजागर कर दिया है।
अदालत का आदेश, फिर भी नहीं मिलने दिया
पाकिस्तानी अदालत पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि इमरान खान के परिवार को हफ्ते में एक बार, हर मंगलवार उनसे मुलाकात की अनुमति दी जाए। बावजूद इसके, रावलपिंडी की अदियाला जेल के बाहर पहुंचे उनके परिजनों को मिलने नहीं दिया गया और विरोध करने पर बल प्रयोग किया गया।
धरना शांतिपूर्ण, जवाब में दमन
मंगलवार को इमरान खान की बहनों, PTI कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जेल के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया था। उनकी एकमात्र मांग थी—
अदालती आदेश का पालन।
लेकिन प्रशासन ने बातचीत के बजाय दमन का रास्ता चुना।
रात 2 बजे शुरू हुआ पुलिस ऑपरेशन
कड़ाके की सर्दी के बीच पुलिस ने रात करीब 2 बजे प्रदर्शनकारियों को हटाने का ऑपरेशन शुरू किया।
- ठंड में तेज पानी की बौछारें
- इसके बाद लाठीचार्ज
- लोगों को जबरन खदेड़ दिया गया
इस कार्रवाई से कई प्रदर्शनकारी बीमार पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इमरान की तीनों बहनें भी FIR में नामजद
बुधवार, 17 दिसंबर को पुलिस ने 400 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इनमें इमरान खान की तीनों बहनें—
- अलीमा खान
- उज्मा खान
- नोरेन खान नियाजी
भी शामिल हैं। ये सभी अदियाला जेल के बाहर मौजूद थीं।
आतंकवाद से लेकर हत्या तक की धाराएं
डॉन अखबार के मुताबिक, FIR में आतंकवाद विरोधी कानून (ATA-1997) और पाकिस्तान दंड संहिता (PPC) की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
आरोपों में शामिल हैं—
- दंगा भड़काना
- हत्या की कोशिश
- पेट्रोल बम का इस्तेमाल
- धारा 144 का उल्लंघन
यानि एक शांतिपूर्ण धरने को आतंकवादी साजिश बताने की कोशिश की गई है।
PTI के बड़े नेताओं को भी नहीं छोड़ा
नामजद आरोपियों में PTI के कई बड़े चेहरे शामिल हैं—
- पार्टी महासचिव सलमान अकरम राजा
- वरिष्ठ नेता आलिया हमजा
- पार्टी के वकील नईम पंजहुता
इससे साफ है कि कार्रवाई सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है।
गिरफ्तारी और ATC की सख्ती
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार,
- PTI के 14 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया
- उन्हें आतंकवाद विरोधी अदालत (ATC) में पेश किया गया
- अदालत ने 3 दिन की फिजिकल रिमांड मंजूर कर ली
यानि पुलिस को खुली छूट मिल गई है।
सेना बनाम जनता की टकराव की तस्वीर
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना पाकिस्तान में
- न्यायपालिका के आदेशों की अनदेखी
- सेना-समर्थित सियासी दमन
- और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन
की एक और मिसाल है।
इमरान खान से मुलाकात की मांग करना अपराध बना दिया गया है। उनकी बहनों पर आतंकवाद जैसी धाराएं लगना यह दिखाता है कि पाकिस्तान में सत्ता किस हद तक जाने को तैयार है।
कड़ाके की ठंड में पानी की बौछार और FIR—यह सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि डराने का संदेश है।