सरकार से वार्ता से पहले CJP की समर्थकों से अपील, कहा- भड़काऊ नारे और हिंसा से रहें दूर
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच प्रस्तावित बातचीत से पहले संगठन ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की है। CJP नेताओं ने कहा कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हो, इसके लिए आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहना चाहिए और किसी भी तरह की भड़काऊ नारेबाजी या हिंसा से बचना आवश्यक है।
बातचीत से पहले संयम की अपील
CJP नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे आंदोलन की मूल भावना को बनाए रखें और ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे सरकार के साथ होने वाली बातचीत प्रभावित हो। संगठन का कहना है कि छात्रों की मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना ही आंदोलन का उद्देश्य है। इसलिए सभी समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और किसी भी उकसावे से बचने की अपील की गई है।
सोनम वांगचुक के अनशन का किया जिक्र
CJP ने अपने संदेश में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने का भी उल्लेख किया। नेताओं ने कहा कि वांगचुक ने सरकार की ओर से मिले आश्वासनों के बाद अपना भूख हड़ताल खत्म किया है, जबकि आंदोलन से जुड़ी अन्य मांगों पर बातचीत की प्रक्रिया जारी है। संगठन ने उम्मीद जताई कि वार्ता के जरिए सकारात्मक समाधान निकल सकता है।
हिंसा और भड़काऊ नारों से दूरी बनाए रखने की सलाह
संगठन ने स्पष्ट कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़ या विवादित नारेबाजी आंदोलन के उद्देश्य को नुकसान पहुंचा सकती है। CJP नेताओं ने समर्थकों से आग्रह किया कि वे केवल छात्रों की मांगों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर ही अपनी बात रखें तथा किसी भी ऐसे व्यवहार से बचें जिससे आंदोलन की छवि प्रभावित हो।
सरकार और प्रतिनिधिमंडल की बैठक पर टिकी नजरें
केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठक को लेकर प्रदर्शनकारियों और छात्रों की निगाहें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस वार्ता में परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक की रोकथाम और अन्य मांगों पर चर्चा हो सकती है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संवाद की संभावना ने आंदोलन के अगले चरण को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।