CJP Jantar Mantar Ground Report: जंतर-मंतर पर जुटे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थक कौन हैं? पढ़िए प्रदर्शन स्थल से सीधी ग्राउंड रिपोर्ट
दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर देश के सबसे बड़े छात्र आंदोलन का गवाह बन रहा है। सोशल मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की मुहिम अब जमीन पर उतर चुकी है। अमेरिका से भारत लौटते ही इसके संस्थापक अभिजीत दीपके सीधे दिल्ली पुलिस की अनुमति के बाद जंतर-मंतर पहुंचे। इस अनोखे और युवाओं के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन में आखिर कौन लोग शामिल हो रहे हैं और उनका मकसद क्या है, इसे जानने के लिए ग्राउंड जीरो पर जाकर प्रदर्शनकारियों से सीधी बातचीत की गई। इस दौरान डिजिटल मोबिलाइजेशन का एक ऐसा चेहरा सामने आया, जिसने व्यवस्था के खिलाफ युवाओं के गहरे गुस्से को उजागर कर दिया है।
लॉ ग्रेजुएट रत्ना ने कहा- ‘शनिवार को लोगों का जुटना सरकार के लिए चेतावनी’
जंतर-मंतर पर हाथों में गुलदस्ता लिए खड़ी रत्ना इस आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद लॉ की डिग्री ले चुकीं रत्ना ने बताया कि वह यहां किसी राजनीतिक लालच में नहीं, बल्कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के विचारों से प्रभावित होकर और सरकार को जवाबदेह बनाने की मांग को लेकर आई हैं। रत्ना का कहना है, “शनिवार के छुट्टी वाले दिन अगर युवा और आम नागरिक खुद से घर छोड़कर यहां जंतर-मंतर पर आए हैं, तो यह साफ दिखाता है कि देश का युवा सरकार की मौजूदा नीतियों और शिक्षा व्यवस्था से खुश नहीं है। इस तरह के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के जरिए ही सरकार की जवाबदेही तय की जा सकती है।”
बेटी के भविष्य के लिए हरियाणा से दिल्ली पहुंचे राम अवतार
इस आंदोलन में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि चिंतित अभिभावक भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हरियाणा के रहने वाले और वर्तमान में दिल्ली में एक प्राइवेट नौकरी कर रहे राम अवतार भी सीजेपी के मंच पर अपनी आवाज बुलंद करने पहुंचे। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए बताया कि उनकी बेटी खुद रात-दिन एक करके राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही है। परीक्षाओं में लगातार आ रही धांधली की खबरों से एक पिता होने के नाते वह बेहद डरे और परेशान हैं। राम अवतार ने कहा कि सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, इसलिए देश के करोड़ों बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए अब सड़कों पर उतरना ही आखिरी रास्ता बचा है।
सोशल मीडिया से सड़क तक: देश का पहला बड़ा ‘डिजिटल मोबिलाइजेशन’
आंदोलन में शामिल युवाओं का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बैनर तले देश के इतिहास का यह पहला ऐसा ‘डिजिटल मोबिलाइजेशन’ है, जहां सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) पीढ़ी सीधे सड़कों पर उतर आई है। रत्ना और राम अवतार जैसे कई लोग अब इस मुहिम से इस कदर प्रभावित हैं कि वे औपचारिक रूप से इस कथित पार्टी की सदस्यता लेकर इसके लिए काम करना चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जो युवा अब तक केवल रील्स, ट्वीट्स और डिजिटल स्पेस में अपनी नाराजगी दर्ज करा रहा था, उसका सुबह-सुबह इतनी भारी संख्या में जंतर-मंतर पहुंच जाना इस बात का सबूत है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।
‘बहाने नहीं चलेंगे, चुप्पी नहीं चलेगी’ के नारे के साथ शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी का एजेंडा और उनकी मांगें पूरी तरह स्पष्ट हैं। ‘बहाने नहीं चलेंगे, चुप्पी नहीं चलेगी’ के मुख्य नारे के साथ प्रदर्शन कर रहे युवाओं का एक ही लक्ष्य है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ ने आंकड़ों का हवाला देते हुए मैदान पर कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण देश के 22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटका है। इसके अलावा, सीबीएसई (CBSE) की ओएसएम मार्किंग प्रणाली में हुई गड़बड़ी से करीब 17 लाख छात्र सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। सीजेपी का सवाल है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बाद भी क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती? उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।