22 साल सेना में सेवा के बाद प्रमोशन से ठीक पहले जवान का निधन, आज सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
चित्तौड़गढ़। जिले के गंगरार क्षेत्र के सूरत सिंहजी का खेड़ा गांव निवासी सेना के हवलदार जितेंद्र सिंह चौहान का असम में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। वे 629 साटा बैटरी यूनिट में आरटी हवलदार के पद पर तैनात थे। परिवार को सेना की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो गया था। इसके बाद उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई।जितेंद्र सिंह ने भारतीय सेना में करीब 22 साल सेवा दी थी। उनका करीब 25 दिन बाद प्रमोशन होना था। वे हवलदार से नायब सूबेदार बनने वाले थे। प्रमोशन से ठीक पहले उनकी मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक की लहर है। आज पैतृक गांव में उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
असम से राजस्थान लाया जा रहा पार्थिव शरीर
जितेंद्र सिंह के पार्थिव शरीर का असम में पोस्टमॉर्टम और सेना की जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को राजस्थान लाने की तैयारी की गई है। प्रशासन के अनुसार, उन्हें एयर एम्बुलेंस के जरिए लाया जाएगा।इसके बाद नसीराबाद छावनी की टीम पार्थिव शरीर को लेकर सूरत सिंहजी का खेड़ा पहुंचेगी। जवान के अंतिम संस्कार को लेकर गांव में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। श्मशान स्थल की सफाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं।
परिवार में पत्नी, दो बेटियां और माता-पिता
जितेंद्र सिंह के परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो बेटियां हैं। उनकी बड़ी बेटी का नाम कीर्तिराज है। वहीं छोटी बेटी सौम्या करीब एक साल की है।उनके छोटे भाई ललित सिंह राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं। परिवार के लिए जितेंद्र सिंह का अचानक चले जाना बेहद बड़ा सदमा है। निधन की सूचना के बाद से परिजन उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
22 साल की सैन्य सेवा के बाद मिलने वाला था प्रमोशन
जितेंद्र सिंह ने सेना में दो दशक से ज्यादा समय तक सेवाएं दीं। लंबे सैन्य करियर के बाद उन्हें हवलदार से नायब सूबेदार पद पर प्रमोशन मिलना था। प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी होने में करीब 25 दिन बाकी थे।ऐसे समय में उनकी मौत की खबर परिवार के लिए और भी भावुक करने वाली है। ग्रामीणों के अनुसार, जितेंद्र सिंह सेना की सेवा को लेकर हमेशा समर्पित रहते थे।
छुट्टी में गांव आकर युवाओं को करते थे प्रेरित
गांव के लोगों के अनुसार, जितेंद्र सिंह जब भी छुट्टी पर घर आते थे, युवाओं से सेना में भर्ती होने की बात करते थे। वे युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करते थे।करीब 22 साल तक सेना में रहने के कारण गांव में उनका विशेष सम्मान था। उनके निधन के बाद ग्रामीण परिवार के साथ खड़े हैं और अंतिम संस्कार की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं।
सीपी जोशी ने जताया दुख
भाजपा नेता सीपी जोशी ने जितेंद्र सिंह चौहान के निधन पर शोक जताया। उन्होंने दिवंगत जवान को मां भारती का वीर सपूत बताते हुए श्रद्धांजलि दी।उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की। जितेंद्र सिंह की अंतिम विदाई के दौरान ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।
गांव में गमगीन माहौल
जितेंद्र सिंह के निधन की खबर के बाद सूरत सिंहजी का खेड़ा और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिवार उनके पार्थिव शरीर के पहुंचने का इंतजार कर रहा है।आज सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। दो दशक से ज्यादा समय तक देश की सेवा करने वाले जितेंद्र सिंह को गांव अंतिम विदाई देगा। उनके जाने से परिवार के साथ उन ग्रामीणों में भी गहरा दुख है, जिन्हें वे युवाओं के लिए प्रेरणा मानते थे।